संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बासदूदा स्थित पीएचसी में थायराइड का टेस्ट कराने गई 13 वर्षीय किशोरी को चिकित्सक द्वारा गर्भवती बताने के मामले में सीएमओ ने पांच चिकित्सकों की टीम गठित कर जांच बैठाई है। इसमें डॉ. विजय प्रकाश को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस टीम में आईएमए प्रधान सहित अन्य मेडिकल स्पेशलिस्ट भी शामिल रहेंगे। यह टीम अपनी जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर सीएमओ को सौंपेगी।
इस मामले में एसपी ने कुंड चौकी प्रभारी और एक महिला सिपाही को लाइन हाजिर किया था। एक गांव निवासी महिला अपनी 13 वर्षीय किशोरी को थाइराइड की जांच के लिए 24 अप्रैल को बासदूदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई थी। यहां डॉक्टर ने किट से टेस्ट करके बताया कि किशोरी 2 माह की गृभवती है। डॉक्टर ने पुलिस को भी फोन कर दिया और केस दर्ज करा दिया। उसी दिन पुलिस मां-बेटी को चौकी लेकर गई, जहां पुलिसकर्मियों ने भी दोनों मां-बेटी को न केवल प्रताड़ित किया बल्कि दोनों के चरित्र पर अपमानजनक टिप्पणी है। पीड़ित परिवार की ओर से एसपी को शिकायत करने के बाद बच्ची को अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें गृभ की बात को गलत पाया। इसके बाद एसपी ने मामले में कार्रवाई करते हुए कुंड चौकी प्रभारी और एक महिला सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया था।
पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने की मांग
इस मामले में ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि चरित्र पर अपमानजनक टिप्पणी करने की सजा लाइन हाजिर कैसे हो सकती है। ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ तो केस दर्ज किया जाना चाहिए। बच्ची को गर्भवती बताने के बाद से पीड़ित परिवार को कैसी जिल्लत भरी जिंदगी बिताई है यह तो परिवार ही बता सकता है।
पुलिस की ओर से रिपोर्ट मिलते ही डॉ. विजय प्रकाश के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही यह टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
- डॉ. सुरेंद्र यादव, सीएमओ रेवाड़ी।