रेवाड़ी। महिला बाल विकास मंत्रालय की ओर से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरूआत की गई है। इसको लेकर डीसी अभिषेक मीणा ने संबंधित अधिकारियों की बैठक की। डीसी ने अधिकारियों, पार्षद, सरपंच आदि से कहा कि वे अपने क्षेत्र में बाल विवाह नहीं होने दें। डीसी ने कहा कि 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर सामूहिक विवाह होते हैं, जिसमें बाल विवाह होने की आशंका होती है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रदान करना है। अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन नजर रख रहा है। बाल विवाह के दुष्परिणाम के बारे में सरकारी स्कूल और कॉलेज में विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है। संवाद