तीज पर छतों पर पतंग उड़ाते युवा ।
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रेवाड़ी। कोरोना काल के बाद जिले में हरियाली तीज पर्व उत्साह से मनाया गया। शहर से लेकर गांव तक खूब पतंगबाजी हुई। महिलाओं ने बिरवे पिरोने की परंपरा भी निभाई। घरों में रीति रिवाज के अनुसार पकवान भी बनाए गए। हालांकि परंपरागत झूले नजर नहीं आए।
इस बार पतंगों की भी संख्या कम रही, मगर हर घर में त्योहार की खुशी उतनी ही नजर आई। त्योहार पर महिलाएं मायके से आने वाली मिठाइयों (कोथली) का इंतजार करती हैं। झूला झूलती हैं और लोकगीतों के साथ कांटों में बिरवे (भीगे चने) पिरोती हैं।
इस दौरान जगह-जगह डाले गए झूलों में महिलाओं और युवतियों ने पींगें भरी। विभिन्न संगठनों और एसोसिएशन की ओर से कार्यक्रम आयोजित हुए। इनमें सावन के गीत और संगीत के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। देर शाम तीज पूजन भी किया गया। महिलाओं ने कांटों में चने पिरो कर तीज महोत्सव मनाया। महिलाएं और युवतियां झूला झूलने और गीत गाने में व्यस्त रहीं तो बच्चे और युवा पतंगबाजी में।