रेवाड़ी। जिले में डेंगू का प्रकोप जरूर थम चुका है, मगर पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड भी टूटा है। जिले में अब तक डेंगू के कुल 402 मरीज मिल चुके हैं। इससे पहले गत 9 वर्ष में दर्ज नहीं किए गए थे। हालांकि, अभी भी लार्वा लोगों के घरों में जरूर मिल रहा है। जिले में 30 सितंबर तक डेंगू का आंकड़ा 323 तक पहुंच गया था। 20 अक्तूबर तक आंकड़ा 370 तक पहुंच गया।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार साल 2021 में 306 और 2022 में 324 डेंगू के मरीज दर्ज किए गए थे। हालांकि, अब डेंगू के मरीज तो नहीं मिल रहे हैं, मगर 402 के आंकड़े ने स्वास्थ्य विभाग को इस बार काफी चौंकाने का काम किया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई टीमें लार्वा चेकिंग के लिए लगाई गई थी और सफल भी हुई हैं। मगर फिर भी इतनी बड़ी संख्या में मरीजों का दर्ज होना चिंता का विषय है। आने वाले समय में टीमों को बढ़ाया जाएगा और लोगों को जितना हो सके जागरूक किया जाएगा।
5 जुलाई को मिला था पहला केस
1 जुलाई को मानसून ने दस्तक दी थी। 5 जुलाई को जिले में डेंगू का पहला केस पाया गया। उसके बाद 19 दिन में डेंगू के 10 केस पाए गए थे। तब अधिकारियों ने दावा किया था कि इस बार डेंगू के मरीज कम दर्ज होंगे मगर ऐसा नहीं हुआ।
पिछले 9 साल में दर्ज डेंगू के मरीज
साल मरीज
2015 10
2016 10
2017 137
2018 82
2019 27
2020 39
2021 306
2022 324
2023 402
लोगों को गंदे पानी को एकत्रित नहीं होने देना चाहिए क्योंकि इससे लार्वा पनपते हैं। फिलहाल अब मौसम काफी बदल गया है। डेंगू के मरीज दर्ज नहीं किए जा रहे हैं।
-डाॅ. अशोक, डिप्टी सिविल सर्जन