फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: जिले में खतरनाक डेंगू का डंक, 12 दिनों में मिले 105 मरीज

विज्ञापन
शहर में घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य ​की जांच करते स्वास्थ्य कर्मचारी।
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिले में डेंगू खतरनाक हो गया हैं। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से 90 लोगों के सैंपल लिए गए जिनमें 09 संक्रमित पाए गए हैं। जिले में अब डेंगू से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 243 पर पहुंच गया है। हालात इस कदर खराब है कि सितंबर के 12 दिनों के अंदर ही 105 केस मिल चुके है। सबसे ज्यादा खतरा शहर बना हुआ है। क्योंकि अभी तक मिले डेंगू मरीजों में 53 प्रतिशत से ज्यादा यानी 130 केस अकेले शहर के अंदर ही मिले है।
विज्ञापन

जिले में तेजी से बढ़ रहे मामले

इस बार डेंगू के फैलाव में सबसे बड़ा कारण घरों में रखे कूलर, गमले व टैंक की नियमित सफाई नहीं होना पाया गया है। चेकिंग में लगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें जब घरों में पहुंची तो सबसे ज्यादा लार्वा कूलर में ही पाया गया। जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी तक 4 हजार 287 लोगों को लार्वा पाए जाने पर नोटिस दिए जा चुके है। 100 केस पूरे होने में 52 दिन का समय लगा और 200 केस का आंकड़ा छूने में अगले 14 दिन ही लगे। अभी सितंबर माह के 16 दिन बाकी है। ऐसे में डेंगू के मरीजों का पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। हालांकि डेंगू का खतरा नवंबर माह तक बना रहता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
बुधवार को टीम ने 56 ब्लड स्लाइड्स बनाई, 16 को दिए नोटिस
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अमित यादव व हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने बुधवार को एक टीम का गठन किया, जिसमें मोहल्ला सराय बलभद्र में फीवर मास सर्वे किया। इस दौरान टीम ने घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकी, होदी, गमले, फ्रिज की ट्रे, टायर, छत इत्यादि चेक की, जिसमें जहां-जहां लार्वा पाया गया। वहां 56 ब्लड स्लाइड्स बनाई तथा 16 लोगों को नोटिस दिया गया। इस दौरान टीम में रमेश कुमार, सुरेश कुमार, विनोद कुमार, धर्मवीर सिंह, विरेंद्र सिंह, सुनील कुमार आदि टीम के सदस्यों ने फॉगिंग भी कराई।
विज्ञापन

शहर में सर्वाधिक केस मिले

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अभी तक रेवाड़ी शहर में सर्वाधिक 130 केस मिले है। इसके अलावा सीएचसी बावल में 39, सीएचसी मीरपुर में 32, सीएचसी गुरावड़ा में 21, सीएचसी खोल में 14 और सीएचसी नाहड़ क्षेत्र में 7 मामले मिल चुके हैं।

सभी तरह का बुखार डेंगू नहीं होता। जांच के बाद चिकित्सक के परामर्श अनुसार ही अपना इलाज कराएं। डेंगू होने की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं पड़ती है। उन्होंने बताया कि ऐसे व्यक्ति में डेंगू का खतरा ज्यादा होता है, जिसे पहले डेंगू हो चुका है। उसे सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
विज्ञापन

-डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें