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दलित चेतना, समाज सुधार के पैरोकार थे आंबेडकर : डॉ. बनवारी लाल

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डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते सहकारिता मंत्री डॉ. ? - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर दलित चेतना, समाज सुधार और भेदभाव उन्मूलन के सबसे बड़े पैरोकार थे। वे एक महान समाज सुधारक व शिक्षाविद् थे। उनका मानना था कि समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार और न्याय मिले, जिसके लिए वे सदैव संघर्षरत रहे। सहकारिता मंत्री मंगलवार को भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर के 66वें महापरिनिर्वाण दिवस के मौके पर बावल स्थित आंबेडकर पार्क में स्थापित प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर के संविधान ने सबको अपने अधिकार दिए, जीने का अधिकार दिया। केंद्र व राज्य सरकार बाबा साहेब अंबेडकर के सिद्धांतों व विचारों पर चलते हुए अंत्योदय की भावना अनुरूप कार्य कर रही है। गांव हरचंदपुर में भी बाबा भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि गुजरात व हिमाचल प्रदेश में भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो संगठनात्मक रूप से काम करते हुए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश विजन 2047 के साथ आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर एसडीएम बावल संजीव कुमार, उपप्रधान नगर पालिका बावल अर्जुन सिंह चौकन, भाजपा बावल मंडल अध्यक्ष अमरजीत सिंह, जिला अध्यक्ष एससी मोर्चा राम सिंह सामरिया, युवा मंडल अध्यक्ष बावल महेश नैचाना, युद्धवीर फोगाट, साहिल कटारिया सरपंच हरचंदपुर, दलेल सिंह चौहान, प्रकाश पूर्व सरपंच, जिला अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा जयवीर योगी, बिजेंद्र व प्रमोद आदि मौजूद रहे।
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संविधान भारत की एकता व प्रगति का मूल आधार : डीसी
इस मौके पर डीसी अशोक कुमार गर्ग ने डॉ. आंबेडकर को करते हुए नमन किया। साथ ही कहा कि संविधान लोकतंत्र की आत्मा व भारत की एकता व प्रगति का मूल आधार है। देश के संविधान को तैयार करने में डॉ. भीमराव आंबेडकर की बड़ी भूमिका थी। इसी वजह से वह संविधान निर्माता के तौर पर जाने जाते हैं।
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