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Rewari News: सीएससी संचालक ने 560 रुपये वसूले, उपभोक्ता आयोग ने लगाया 10 हजार का जुर्माना

Sat, 25 Nov 2023 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी के मामले की जानकारी देते समय प्रकाश। संवाद
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रेवाड़ी। खोरी राजपुरा स्थित फाटक के पास एक सीएससी संचालक की ओर से तय मूल्य से अधिक रुपये वसूलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (डीसीडीआरसी) रेवाड़ी ने 10 हजार रुपये का जुर्माना और 460 रुपये एक्सेस पीड़ित को देने का फैसला सुनाया है। यह राशि 45 दिनों में पीड़ित को देनी होगी। अगर इन 45 दिनों में राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई तो 12 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करनी होगी। अगर फिर भी पैसा पीड़ित को नहीं दिया जाता है तो 3 साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। कोर्ट में जब यह मामला गया तो सीएससी संचालक की ओर से रसीद 30 रुपये प्रति फाइल के हिसाब से दी गई यानी कि कुल 90 रुपये की रसीद पेश की। जबकि समय प्रकाश से 550 रुपये वसूले गए थे। पीड़ित समय प्रकाश ने प्रशासन से सभी सीएससी सेंटर पर रेट लिस्ट लगवाने और रसीद जारी करने साथ ही ज्यादा वसूली करने पर लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। ताकि उनकी तरह बाकी लोगों को परेशान न होना पड़े।
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बेटी का सरकारी कॉलेज में करवाना था दाखिला

गांव पिथरावास निवासी समय प्रकाश ने बताया कि 29 जुलाई 2022 को उन्होंने अपनी बेटी का दाखिला सरकारी कॉलेज में करवाने के लिए बीसी, ओबीसी, निवास प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र यह चारों बनवाने के लिए खोल राजपुरा स्थित ढाणी सातों सीएससी केंद्र संचालक कृष्ण कुमार के पास गए थे। इस दौरान कृष्ण कुमार से पीपीपी के लिए 100 रुपये, बीसी, ओबीसी, निवास प्रमाणपत्र इन तीनों के लिए 150 रुपये प्रति फाइल के हिसाब से 450 वसूले। जबकि पीपीपी निशुल्क बनाया जाता है और जबकि तीनों फाइल पर 30 रुपये सीएससी चार्ज लगते हैं। 460 रुपये सीएससी संचालक ने अतिरिक्त लिए। पीपीपी तो उसी दिन मिल गया था। 1 अगस्त 2022 को ओबीसी और निवास प्रमाण पत्र सीएससी संचालक ने समय प्रकाश को दे दिया।

दिसंबर 2022 में सीएम विंडो पर लगाई शिकायत

बैकवर्ड क्लास पत्र के लिए समय प्रकाश बार-बार सीएससी सेंटर के चक्कर लगाते रहा। मगर उन्हें निराशा ही हाथ लगी। थक हार कर जब समय प्रकाश ने दिसंबर 2022 में सीएम विंडो पर शिकायत लगाई। इस दौरान उन्होंने क्रिड डिपार्टमेंट से आरटीआई लगाकर अपने बीसी प्रमाण पत्र के स्टेटस की जानकारी मांगी। हैरानी तब हुई जब पता चला की बीसी प्रमाणपत्र अप्लाई करने के महज 15 दिनों में बन चुका था। मगर सीएससी संचालक की ओर से उसे जारी नहीं किया गया। प्रबंधक सीएससी केंद्र की ओर से 13 फरवरी 2023 को बीसी प्रमाण पत्र दिलवाया गया। सीएम विंडो पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई और मामला भी बंद कर दिया गया। 16 मार्च 2023 को वह कंज्यूमर कमीशन में गए। 16 नवंबर 2023 को कमीशन ने समय प्रकाश के पक्ष में फैसला सुनाया है।
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मजबूरी में निजी कॉलेज में करवाना पड़ा दाखिला

लंबा समय बीत जाने की वजह से समय प्रकाश की बेटी का कॉलेज में एडमिशन भी नहीं हो पाया। समय प्रकाश अपनी बेटी का एडमिशन सरकारी कॉलेज में करवाना चाहते थे। मजबूरी में उन्हें निजी कॉलेज में दाखिला करवाना पड़ा। जो काफी महंगा पड़ा। समय प्रकाश ने बताया कि प्रशासन को सीएससी संचालकों की मनमानी के खिलाफ कड़ा एक्शन लेना चाहिए। क्योंकि उनकी वजह से बेटी का दाखिला सरकारी कॉलेज में नहीं हो पाया।
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