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फायरिंग और रंगदारी से दहशत में व्यापारी

Mon, 22 Aug 2016 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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crime demo - फोटो : MID DAY
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वर्चस्व की होड़ में पीतल नगरी अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। दबदबा कायम रखने के लिए विभिन्न गैंगों ने शहर के व्यापारियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। आलम यह है कि फायरिंग और रंगदारी जैसे वारदातों के चलते दिन ढलते ही व्यवसायी दुकानों को ताला लगाने पर मजबूर हो गए हैं। व्यापारियों पर फायरिंग और उनसे रंगदारी मांगने का सिलसिला हिस्ट्रीशीटर जीता गुर्जर की हत्या के बाद शुरू हुआ जो अब तक थमा नहीं है।
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जीता की हत्या से खुला रंगदारी का रास्ता
11 फरवरी 2014 को हिस्ट्रीशीटर जीता गुर्जर की हत्या कोर्ट परिसर में ही गोली मारकर दी गई थी। हत्या करने के आरोपी डॉ. कुलदीप, हवा सिंह गुर्जर, प्रदीप, लीलू ततारपुरिया, नरेश और बबलू थे। जीता गुर्जर की हत्या करने के बाद डॉक्टर गैंग ने शहर के व्यापारियों के बीच जीता की हत्या को कैश कर लाखों कमाने का मंसूबा बनाया। इसके बाद कई व्यापारियों पर फायरिंग और फोन पर रंगदारी मांगने का सिलसिला शुरू हुआ। कुछ मामले शिकायतों के चलते सामने आए तो कई व्यापारी धमकी के डर से पुलिस तक ही नहीं पहुंचे।

लीलू संभाल रहा डॉक्टर गैंग का नेटवर्क
जीता हत्याकांड के आरोपी डॉ. कुलदीप समेत सभी नारनौल जेल में बंद हैं सिवाय लीलू ततारपुरिया के। लीलू ही वह नाम है जो हाल के दिनों में अजीज गारमेंट्स और ब्रास मार्केट में रेडीमेड शोरूम संचालक धीरज से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में सामने आया है। सूत्र बताते हैं कि लीलू और उसके गैंग को नारनौल जेल से समय-समय पर इंस्ट्रक्शन मिल जाते हैं। इसके बाद आगे काम को अंजाम दिया जाता है। इसके अलावा कनिष्क होटल के मालिक से मांगी रंगदारी में ही डॉ. कुलदीप गैंग के हवा सिंह गुर्जर का नाम सामने आया था।
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रंगदारी मांगने में आगे है डॉक्टर गैंग
व्यापारियों में दहशत फैलाने में डॉ. कुलदीप गैंग कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। रंगदारी मांगने के सबसे ज्यादा मामले इसी गैंग के सामने आए हैं।
- जीता हत्याकांड के बाद ही बाईपास हुडा सेक्टर-4 स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर से करीब एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
- सीताराम प्रॉपर्टी डीलर से भी लाखों की रंगदारी मांगने में डॉक्टर गैंग के नरेश का नाम सामने आया था।
- पिछले साल में नवदीप ज्वैलर्स से एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई। न देने पर अगले दिन ही शोरूम पर आकर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। मामले में डॉ. कुलदीप का नाम और गैंग के विक्रम उर्फ इंगलिश का नाम फायरिंग करने में सामने आया।
- कनिष्क होटल के मालिक से नौ लाख रुपये की रंगदारी मांगने में जेल में बंद हवा सिंह गुर्जर के नाम एफआईआर हुई थी।
- इसके अलावा अजीज गारमेंट्स और ब्रास मार्केट में रेडीमेड शोरूम संचालक धीरज से 10 लाख की रंगदारी मांगने के अलावा भी डॉ. कुलदीप गैंग ने कई व्यापारियों को निशाना बनाया है।

झोंटा के पेरोल जंपर होने के बाद गैंग भी हुआ सक्रिय
संघी का बास निवासी राजकुमार उर्फ झोंटा हत्या, हत्या के प्रयास समेत कई संगीन धाराओं का आरोपी है। 24 मई को ही जेल से 28 जून तक के लिए पेरोल पर आया था। इसके बाद पेरोल जंपर हो गया। रंगदारी की दो वारदातों में उसका और उसके गैंग का नाम सामने आया है।
- पिछले महीने ही नई बस्ती निवासी पूर्व पार्षद सत्तू के भाई विजेंद्र से दो लाख की रंगदारी मांगने में नामजद।
- 17 अगस्त को पूर्व पार्षद गोपाल कर्दम के भाई चंदन से असलहे के बल पर झोंटा और गैंग के आधा दर्जन लोगों ने दो लाख रुपये बतौर प्रोटेक्शन मनी मांगे।
- झोंटा गैंग के गुर्गों पर पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने समेत कई ऐसे मामले हैं जो शहरवासियों और व्यापारियों को आतंकित किए हैं।

व्यापारियों का यह कहना है
व्यापारियों की सुरक्षा कुछ भी नहीं है। संविधान इतना लचीला है कि जमानत और पेरोल पर आकर बदमाश वारदातों को अंजाम देते हैं। - देवीदयाल गुप्ता, प्रधान मोती चौक व्यापार संगठन

एनसीआर में होने के बावजूद आठ बजे से पहले ही दुकानें बंद करनी पड़ती हैं। इससे व्यापारियों की स्थिति साफ समझ में आती है। - सुभाष गुप्ता, प्रधान, गोकल बाजार सेंट्रल एसोसिएशन
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मुख्य बाजारों पर 12 घंटे की पुलिस गश्त करवाने की जिम्मेदारी प्रशासन को लेनी होगी। नप के पास सांसद निधि से रकम आने के बावजूद सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। यह तुरंत लगने जरूरी हैं। - विवेक ढ़ीगड़ा, पूर्व प्रधान, गोकल बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन

जमानत या पेरोल जंपर बदमाशों की तलाश की जा रही है। कई बदमाशों की लोकेशन ट्रेस भी हुई है। लोकेशन बार-बार अलग-अलग स्टेट की होने के चलते फिलहाल बदमाश हाथ नहीं लगे हैं। पुलिस की पेट्रोलिंग पहले से पुख्ता हुई है। व्यापारी भी निजी सिक्योरिटी पुख्ता कर पुलिस की मदद करें।  - मो. जमाल, डीएसपी हेडक्वार्टर
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