प्रेम और भाईचारे के त्योहार होली पर गिले-शिकवे दूर करने की बजाय अपनों ने रिश्तों की हत्या कर खून की होली खेली। एक मामला कोसली गांव का है जहां छुट्टी पर आए सीआरपीएफ एसआई की उसके चचेरे भाई ने गला दबाकर हत्या कर दी। वहीं दूसरा मामला बावल गांव का है, जहां नशा करने का विरोध करने पर एक बेटे ने ही पीट-पीटकर अपने पिता की जान ले ली। दोनों ही मामलों में स्थानीय पुलिस ने हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पैसे के लेन-देने में सीआरपीएफ जवान की हत्या
कोसली। कोसली के चौक मोहल्ला में बृहस्पतिवार को रुपयों के लेन-देन के विवाद में चचेरे भाई ने ही सीआरपीएफ एसआई की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने हत्या व अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
गांव कोसली निवासी श्रीभगवान सीआरपीएफ बतौर सब इंस्पेक्टर गुड़गांव के कादरपुर सेंटर में तैनात था। होली का त्योहार और बैंक संबंधी काम के लिए श्रीभगवान छुट्टी लेकर घर आए थे। बृहस्पतिवार को श्रीभगवान और पड़ोस में ही रहने वाले उनके चचेरे भाई राजकुमार के बीच कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ गया और हाथापाई की नौबत आ गई। इसी दौरान राजकुमार ने श्रीभगवान का गला दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद राजकुमार गांव से फरार हो गया। जबकि परिजनों ने अस्पताल में मौत की पुष्टि होने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी। मृतक के बेटे नवीन ने चाचा राजकुमार पर उसके पिता की हत्या करने का आरोप लगाया है।
छह दिन बाद मनानी थीं रिटायरमेंट की खुशियां
सीआरपीएफ में एसआई श्रीभगवान की नौकरी भी इसी महीने पूरी होने वाली थी। 31 मार्च को उनका रिटायरमेंट था। इसको लेकर तैयारियां चल रही थीं। लेकिन घर की खुशियां छह दिन पहले ही मातम में बदल गईं।
मामले में पैसे के लेनदेन की बात सामने आई है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई है।
नरेंद्र सिंह, एसएचओ, कोसली थाना
नशा करने से मना किया तो पिता की पीट-पीटकर ली जान
बावल। नशा करने से मना कर पर एक धुत युवक ने अपने ही पिता की लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना हसनपुर मोहल्ले के पास से गुजर रहे रेलवे ट्रैक पर बृहस्पतिवार रात की है। हसनपुरा निवासी देशराज(52) के परिवार में उसका बड़ा बेटा मुकेश शराब और अन्य नशों का आदी है। इसी के चलते पहले भी विवाद होने के बाद वह मोहल्ले में ही परिवार से अलग एक झोपड़ी में रहता था। बृहस्पतिवार को देशराज उसे नशा करने से मना करने और त्योहार पर घर चल साथ खाने के लिए कहा। इस पर नशे में धुत मुकेश ने मना किया और पिता से उसकी बहस हो गई। बहस करते-करते ये पास से ही गुजर रहे रेलवे ट्रैक पर पहुंचे। यहीं मुकेश ने अपने पिता के सिर पर लाठी से कई वार कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। नाजुक हालत के चलते गुड़गांव ले जाते वक्त देशराज की मौत हो गई।
लोगों ने झोपड़ी में लगाई आग, आरोपी भी गिरफ्तार
वारदात से गुस्साए इलाकाई लोगों ने फरार आरोपी मुकेश की झोपड़ी में आग लगा दी। वहीं जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने के बाद उसकी तलाश भी शुरू कर दी। आरोपी को देर रात बावल रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपी नशे का आदी है और नशे में ही उसने अपने पिता को बेरहमी से पीटा, जिससे बाद में उनकी मौत हुई। आरोपी के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
नरेंद्र कुमार, जीआरपी इंचार्ज, रेवाड़ी