कोसली थाना क्षेत्र के एक गांव की मानसिक विक्षिप्त किशोरी का मार्च-2016 में अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने तीन साल की सजा सुनाई है। नाबालिग को सोनीपत स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। इसके साथ ही जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण से पीड़ित को मुआवजा देने के लिए भी कहा है।
ज्ञात हो कि मार्च 2016 में कोसली थाना क्षेत्र के एक गांव से मानसिक तौर पर विक्षिप्त नाबालिग संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। नाबालिग का पता नहीं लगने पर कोसली थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने किशोरी की तलाश करने के बाद मेडिकल के लिए भेजा था। मामले में नाबालिग से रेप की पुष्टि होने पर पुलिस ने जांच के बाद रिपोर्ट जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की। बोर्ड के प्रिसिंपल मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार, सदस्य तृप्ति भार्गव व प्रमिला भार्गव ने नाबालिग को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए वीरवार को तीन साल की सजा सुनाई है।