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एसपी के कार्रवाई के आश्वासन पर माने ग्रामीण

Thu, 02 Feb 2017 01:09 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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84 गांवों की पंचायत बुलाई - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चिराहड़ा गांव की दो साल की मासूम की अपहरण के बाद हत्या मामले को लेकर बुधवार सुबह गांव में 84 गांवों की पंचायत बुलाई गई। जयसिंहपुर खेड़ा निवासी अभय सिंह नंबरदार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मामले में पुलिस की कार्रवाई की निंदा की गई। बाद में एसपी संगीता कालिया के मामले की जांच के आश्वासन के बाद ग्रामीण माने।
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पंचायत में ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया था। जिसमें से चार को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि एक व्यक्ति अभी पांच दिन के पुलिस रिमांड पर है। इसका वीरवार को रिमांड पूरा होना है। रिमांड के बाद आरोपी का लाईं डिटेक्टिव टेस्ट कराया गया। जिसके बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। वहीं जिन चार लोगों को छोड़ा है। उनसे भी पुन: पूछताछ की जाए।

ग्रामीणों ने मामले लेकर पांच लोगों की कमेटी बनाई है। जिनमें सरपंच ज्योति, अभय सिंह नंबरदार, सुरेश कुमार, मानसिंह एडवोकेट और बनीपुर के पूर्व सरपंच सुमेर कुमार को शामिल किया गया है। ये लोग लाइव डिटेक्टिव टेस्ट के दौरान वहीं मौजूद रहेंगे तथा प्रश्न भी कर सकेंगे। पंचायत में बावल के पूर्व विधायक रामेश्वर दयाल, जलालपुर के सुरेंद्र चौहान, नहचाणा के पूर्व सरपंच राजेंद्र, ब्लॉक समिति बावल के प्रधान वीरेंद्र छिल्लर, सुशीला चौहान, साबन के सरपंच चरण सिंह, सालावास के कृष्ण कुमार आदि मौजूद थे।
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इन पर भी जताई नाराजगी
ग्रामीणों ने पंचायत में बताया कि जिस मोबाइल से बच्ची के चाचा के पास फोन आया था वह मनोज के नाम से है। जबकि ट्रू कॉलर में संदीप गोदारा बता रहा है। पुलिस ने अभी तक इस मामले की भी जांच नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस कंपनियों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज तक मांगी। बाद में ग्रामीणों के विरोध के चलते यह फुटेज मांगी गई। ग्रामीण एक माह पूर्व हुई हत्या के मामले का भी सुराग नहीं लगने पर भी नाराजगी जता रहे थे।

पुलिस से हुई नोकझोंक
पंचायत की सूचना पर डीएसपी अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। वे एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे बाद एसपी संगीता कालिया मौके पर पहुंची। इन्होंने ग्रामीणों को आरोपी का लाइव डिटेक्टिव टेस्ट कराने का आश्वासन दिया। वहीं छोड़े गए चारों आरोपियों से भी पुन: पूछताछ की बात कही।
वर्जन
ग्रामीणों की मांग पर इनकी पांच लोगों को कमेटी को लाइव डिटेक्टिव टेस्ट के दौरान मौजूद रहने की छूट दी गई है। मामले की जांच चल रही है। शीघ्र ही सच्चाई का पता चल जाएगा।
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संगीता कालिया, एसपी, रेवाड़ी
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