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मर्डर कर माल हड़पना चाहता था मास्टरमाइंड

Sat, 07 Nov 2015 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
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धारूहेड़ा की मनीराम मार्केट में ज्वेलरी शोरूम में लूट का मास्टरमाइंड वारदात को अंजाम देने वाले तीनों नौसिखियों का मर्डर करवा पूरा माल हड़पने की तैयारी में था।
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पकड़े गए मास्टरमाइंड दिल्ली के गांव पूठखुर्द निवासी सतीश ने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी से लूटे गए 50 लाख रुपये के जेवर भी बरामद कर लिए हैं। प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उसे 4 दिन के रिमांड पर भेजा है।

गौरतलब है कि धारूहेड़ा की मनीराम मार्केट में 9 अक्तूबर को श्रीश्याम ज्वैलर्स में वारदात को अलवर के शेरपुर की ढाणी के रोहित, रेवाड़ी के खरकड़ा के नीतेश उर्फ निक्कू, यूपी के युगदीप ने वारदात को अंजाम दिया था। लूट के बाद खरकड़ा के प्रदीप उर्फ सोनू के पास कुछ देर के लिए बदमाशों ने लूटा माल रखा था।
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पुलिस इन चारों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूरी वारदात की साजिश आठ साल पहले हुई हत्या के मामले में वांछित दिल्ली के गांव पूठखुर्द निवासी सतीश ने रची थी। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ था कि आरोपी सतीश धारूहेड़ा में 20 साल पहले मर चुके अपने रिश्तेदार की फर्जी आईडी बनाकर रह रहा था।

उसने वारदात की प्लानिंग के साथ ही लूट को अंजाम देने वाले तीनों नौसिखियों को मौत के घाट उतार पूरा माल हड़पने की भी तैयारी की थी। उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

दिल्ली और रेवाड़ी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई के बाद गिरफ्तार सतीश की निशानदेही पर लूटे गए 50 लाख रुपये के जेवरात भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस अब 4 दिन के रिमांड के दौरान आरोपी सतीश से अन्य वारदात के बारे में पता करने में जुटेगी।

बरामद हुआ लूट का पूरा माल
इतनी बड़ी वारदात के मामले में पुलिस ने लूटे गए पूरे माल की रिकवरी की है। 9 अक्तूबर को हुई वारदात में बदमाशों ने हथियार के बल पर श्रीश्याम ज्वैलर्स में लूट की वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस ने आरोपी के पास से एक पिस्तौल और दो कारतूस के अलावा लूटी गई ज्वेलरी 23 सोने के कड़े, 43 सोने की अंगुठियां, 30 पैंडल, 24 चेन, 6 मंगलसूत्र, 2 टॉप्स बरामद किए है। इन आभूषणों का वजन 01 किलो 70 ग्राम बताया जा रहा है।

सुपारी किलर को हटाया था रास्ते से
दिल्ली में मुख्य सरगना सतीश ने 2008 में करोड़ों की जमीन के विवाद में अपने साथी धनपतराय की हत्या के लिए दिल्ली के ही नरेला के हरिप्रकाश और टिकल खतरी को डेढ़ करोड़ रुपये की सुपारी दी थी।

काम पूरा होने के बाद डेढ़ करोड़ रुपये न देने के लिए उसने अपने भाई रामबीर की मदद से दोनों को ही गिरफ्तार करवा दिया। बाद में आरोपी भी वारदात में नामजद हुआ था। इसके बाद से ही वह फरार चल रहा था। दिल्ली पुलिस में ही कार्यरत उसके एक रिश्तेदार की भी वारदात में संलिप्तता के बारे में रेवाड़ी पुलिस पता लगा रही है।

लगातार बदल रहा था लोकेशन
20 साल पहले मरे रिश्तेदार की फर्जी आईडी के बल पर धारूहेड़ा में सालों से रह रहा शातिर दिमाग सतीश घटना के बाद से ही लगातार अपनी लोकेशन चेंज कर रहा था। गिरफ्तार होने से पहले वह जयपुर, अलवर, उत्तर प्रदेश के बागपत और दिल्ली में लूटे माल के साथ छिपता रहा। यही नहीं आरोपी एसपी ऑफिस और अन्य पुलिस की गतिविधियों वाली जगह कभी खुद जाकर कभी किसी और मदद से पुलिस की गतिविधियां भी पता कर रहा था।

कोट्स
मामले का खुलासा करने में डीएसपी वीरेंद्र सिंह समेत पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की है। शातिर दिमाग सतीश ने तीनों नौसिखियों का फायदा उठाकर उनसे डकैती करवाई। लूट का पूरा माल हाथ में आने के बाद उसकी योजना तीनों को एक-एक कर जान से मारने या मरवाने की थी। - बलवान सिंह राणा, एसपी, रेवाड़ी
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