जीआरपी ने 15 दिनों में ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली है। रामसिंहपुरा के पास रेलवे ट्रैक पर मिले शव की पहचान के बाद पुलिस ने एक हत्यारोपी दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरे की तलाश की जा रही है। मृतक की शिनाख्त मूल रूप से मध्यप्रदेश, पन्ना जिला के गांव छोटी मडिय़म निवासी मुरारी(24) के रूप में हुई है। शिना त ठेकेदार नरेंद्र और उसके भाई बीरन ने की है।
जानकारी के अनुसार पेशे से राजमिस्त्री मुरारी पिछले तीन महीने से बतरा कालोनी में चल रहे निर्माण कार्य की जगह ही रहता था। वहीं एक हत्यारोपी दोस्त बतरा कालोनी में ही किराये पर रहने वाला रमेश है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किये गए हत्यारोपी ने शराब के नशे में धुत होने के बाद आपसी झगड़े के चलते हत्या किये जाने की बात कबूल की है। बता दें कि बीती 21 मार्च को रामसिंहपुरा के पास रेलवे ट्रैक पर जीआरपी को एक युवक का शव कमर से दो हिस्सों में कटा हुआ मिला था। जीआरपी ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया है, जहां से रिमांड पर लेकर उसके साथी का पता लगाया जा रहा है।
शाम छह बजे से ही पीनी शुरू की थी शराब
आरोपी रमेश ने बताया कि वह और उसका एक साथी 20 मार्च को मुरारी के पास पहुंच गये थे। यहां शाम छह बजे के करीब शराब और मीट खाने-पीने के बाद वह घर से निकले। रामसिंहपुरा के पास उन्होंने और शराब पी। जिसके बाद किसी बात पर उसका मुरारी से झगड़ा हो गया। रामसिंहपुरा के पास झगड़ा होने के बाद मुरारी को बातों में उलझाकर रेलवे लाइन के पास ले गये।
बुसौली और ईंट से किये थे चार वार
रमेश ने बताया कि घटनास्थल पर मुरारी के सिर पर ईंट से एक वार कर उसे घायल कर दिया और लाइन से घसीटकर कुछ दूरी पर ले गये। इसके बाद दो और वार कर उसे लहूलुहान कर दिया। बाद में ईंट तोड़ने वाली बुसौली से भी उसके सिर पर एक वार कर हत्या कर दी। आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को घसीटकर रेलवे ट्रैक पर डाल दिया और फरार हो गये।
मुखबिर के जरिये शिनाख्त से सुलझी गुत्थी
जीआरपी थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए सबसे बड़ी गुत्थी मृतक की शिनाख्त थी। इसके लिए बाकायदा पंफलेट भी छापे गये। इसके बाद जीआरपी को मुखबिर के जरिए पता चला कि मृतक बतरा कालोनी की ओर किराये पर रहता है। यहीं से पुलिस को पता चला कि मृतक मुरारी है और ठेकेदार नरेंद्र के बतरा कालोनी में चल रहे निर्माण कार्य पर रहता था। जिसके बाद वारदात की परत खुलती गईं।
होली पर घर जाने के लिए मिले थे 2 हजार, गया नहीं
ठेकेदार नरेंद्र ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि 17 मार्च को होली से पहले घर जाने के लिए मुरारी को 2 हजार रुपये दिये थे, लेकिन मुरारी घर नहीं गया। मध्यप्रदेश में परिजनों को लगा कि मुरारी को छुट्टी नहीं मिली वहीं ठेकेदार यही समझता रहा कि मुरारी मध्यप्रदेश अपने घर गया है इसके चलते किसी ने खोजबीन शुरू नहीं की।
ब्लाइंड मर्डर केस में एक हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरा साथी भी जल्द ही गिरफ्त में होगा।
-नरेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, जीआरपी थाना