डीएसपी वीरेंद्र सिंह सैनी के नेतृत्व में पुलिस ने चोर गिरोह के सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन चोरों ने महज ढाई साल में ही 31 से ज्यादा चोरियों को अंजाम दे डाला।
चारों आरोपी मूल रूप से गुजरात के अहमदाबाद और महाराष्ट्र के हैं और इन्हीं में से एक की रेवाड़ी में रिश्तेदारी थी। इसके चलते ही उसने यहां कमरा किराए पर ले लिया था।
आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती पिछले ढाई साल में दो दर्जन से ज्यादा घरों से चोरी किया लाखों रुपये का माल बरामद करना है।
इसके लिए पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। ये युवा अय्याशी की लत के चलते पढाई-लिखाई छोड़कर हवाई यात्रा, गोवा, मुंबई के पब और डांस बार में रुपये उड़ाने के शौक के चलते ढाई साल में शातिर चोर बन गए और अपनी ही 'बदमाश कंपनी' बना डाली।
डीएसपी वीरेंद्र सिंह सैनी के नेतृत्व में पुलिस की अहमदाबाद में दबिश के बाद ये चोर सीआईए रेवाड़ी पुलिस की गिरफ्त में आए।
एसपी बलवान सिंह राणा ने पत्रकारों को बातचीत में बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी महाराष्ट्र के जिला नंदूरबार निवासी दीपक उर्फ जिम्मी, रेवाड़ी के लुहाना निवासी सुदेश, अहमदाबाद के नारोडा पदमावती सोसाइटी निवासी जयेश व अहमदाबाद की पारीशकर कॉलोनी निवासी विजय सदाशिव कातकर हैं।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि 26 अगस्त 2015 को मयूर विहार गली नंबर 5 स्थित योगेंद्र के घर का ताला तोड़कर उन्होंने ही सोना व चांदी के जेवरात तथा 22 हजार रुपये की नकदी चोरी की थी। सीआईए पुलिस ने इसी मामले में मिले सीसीटीवी फुटेज लेकर साइबर सेल से लगातार संपर्क बनाये रखा था। मिले साक्ष्यों के आधार पर ही टीम आरोपियों का पीछा करती हुई अहमदाबाद तक पहुंची और चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
-मॉडल टाउन, सिटी और रामपुरा थे मुख्य निशाना
आरोपियों ने पुलिस की शुरूआती पूछताछ में ही मॉडल टाउन थाना एरिया से 13, सिटी थाना क्षेत्र से 8 और रामपुरा थाना क्षेत्र से 9 चोरी की वारदात और एक चोरी सदर थाना क्षेत्र में करने की बात पुलिस की शुरूआती पूछताछ में कबूल की है। इस तरह चोरों ने कुल 31 वारदातों का खुलासा किया है।
तालाबंद घरों की रैकी के बाद देते थे वारदात को अंजाम
बदमाश कंपनी के सरगना और मुख्य आरोपी दीपक उर्फ जिम्मी ने पूछताछ में बताया कि वह अपने साथी सुदेश के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर जाता था। जहां भी उसे किसी घर पर ताला लगा दिखता था उसी घर में चोरी कर फरार हो जाते थे। आरोपी जिम्मी घर के अन्दर घुस कर चोरी करता तथा उसका साथी सुदेश घर के बाहर निगरानी करता था। वहीं शादी ब्याह में सपरिवार जाने वाले तालाबंद घरों को भी यही चोर रात में निशाना बनाते थे।
अहमदाबाद का जयेश 20 फीसदी पर लेता था आभूषण
चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उत्तमनगर स्थित जिम्मी के किराये के मकान पर व सुदेश के घर गांव में जा कर रहते थे। चोरी करने के अगले ही दिन दोनों आरोपी अहमदाबाद जयेश के पास पहुंच कर उसे चोरी का माल देकर उससे पैसे लेकर अय्याशी करने के लिए मुंबई और गोवा जैसी जगहों पर घूमने के लिए चले जाते थे। जयेश के साथ आरोपियों का चोरी के कुल माल पर 20 प्रतिशत पर सौदा तय होता था। जयेश ही चोरी के जेवरातों को गला कर शुुद्ध कर आगे बाजार मे बेचता था।
मामले में सरगना समेत सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। सीआईए अब रिमांड पर लिए आरोपियों से चोरी कर बेचे गए माल की बरामदगी में जुटी है। पूछताछ में चोरी का माल खरीदने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही पूरा चोरी का माल रिकवरी अब पुलिस का लक्ष्य है।
-बलवान सिंह राणा, एसपी, जिला रेवाड़ी