फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुड़ौली और रोलियावास समेत चार गांवों में चले लात-घूंसे और कुर्सी

Mon, 18 Jan 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
हाइपर सेंसिटिव गांवों में शुमार खोल ब्लॉक के गांव बुड़ौली और संवेदनशील गांव रोलियावास समेत चार गांवों में दूसरे चरण के पंचायत चुनावों में वोटिंग के दौरान ही लात घूंसे और कुर्सियां चल गईं। मारपीट की इन छुटपुट घटनाओं में करीब छह लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं नाहड़ ब्लॉक में भी लुक्खी और और गुर्जरवास में भी वोट अपने पक्ष में डलवाने को लेकर पोलिंग बूथ से कुछ दूरी पर मारपीट की दो घटनाएं हुईं।
विज्ञापन


 गांव बुड़ौली में बवाल, सुबह ही रुका मतदान
कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री जसवंत सिंह के गांव बुड़ौली को प्रशासन ने अति संवेदनशील की श्रेणी में शामिल किया हुआ था। प्रशासन का अंदाजा सही भी निकला, सुबह करीब आधे घंटे ही मतदान चला था कि बवाल हो गया। देखते ही देखते दो पक्षों में जमकर लात-घूंसे चले। मामले की जानकारी मौके पर मौजूद चुनाव अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने आला पुलिस अधिकारियों को दी। सूचना पाकर मौके पर उपायुक्त डॉ. यश गर्ग और पुलिस कप्तान बलवान सिंह राणा पूरे अमले के साथ मतदान केंद्र पर पहुंचे।


आधे घंटे रुकी रही वोटिंग
बवाल होने की स्थिति में चुनाव अधिकारियों ने पोलिंग रोक दी। अन्य पुलिस बल आने से पहले खोल ब्लॉक के इंचार्ज नियुक्त किए गए डीएसपी सत्यपाल यादव ने खुद मोर्चा संभाला और उपद्रव शांत कराया। ऐसे में करीब आधे घंटे बाद वोटिंग दोबारा शुरू की जा सकी। इसके बाद डीएसपी लगभग चार घंटे से ज्यादा मतदान केंद्र पर डटे रहे।
विज्ञापन

--------------------
रोलियावास मतदान केंद्र के अंदर बवाल
खंड खोल के गांव रोलियावास में तीन बजे तक मतदान शांतिपूर्ण होता रहा लेकिन श्रीकृष्ण नामक बुजुर्ग के पिता के नाम की जगह उसके जीजा का नाम लिखा होने के कारण विवाद खड़ा हो गया। एक पक्ष उक्त व्यक्ति की वोट नहीं डालने देना चाहता था, तो दूसरा पक्ष इस पर अड़ गया। देखते ही देखते ग्रामीणों के बीच लात-घूंसे चलने शुरू हो गए और कुछ ही देर में कुर्सी, मेज आदि भी फेंके गए। उपद्रव इतना बढ़ गया कि मारपीट करने वाले दीवार कूदकर मतदान केंद्र के अंदर ही भिड़ते रहे। मारपीट के दौरान दोनों पक्षों से शिवकुमार, प्रेम प्रकाश, धर्मवीर व एक अन्य शिवकुमार घायल हो गए। यहां केवल तीन पुलिसकर्मी ही थे। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला को संभाला और दोबारा वोटिंग शुरू कराई गई।

पोलिंग बूथ अंदर से बंद, 45 मिनट रुका मतदान
रोलियावास गांव में मारपीट के दौरान चुनाव कर्मियों को आशंका हुई कि कहीं उपद्रव के दौरान बूथ कैप्चरिंग जैसी घटना न हो जाए। इसके चलते चुनाव कर्मियों ने पोलिंग बूथ को अंदर से बंद कर दिया। मारपीट और हंगामे के चलते करीब 45 मिनट तक मतदान रुका रहा। फोर्स ने जब उपद्रवियों को खदेड़ा, इसके बाद बूथ खोला गया।
----------------
चाचा-भतीजे के समर्थक गुर्जरवास में भिड़े
नाहड़ ब्लॉक के गांव गुर्जरवास में मतदान केंद्र से कुछ दूरी पर वोटर को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए कन्वेंस करने पर हल्की मारपीट हुई। एक मामले में गुर्जरवास गांव में चाचा और भतीजे की पत्नियां सरपंची का चुनाव लड़ रही थीं। वोट को लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और पोलिंग स्टेशन से कुछ दूरी पर मारपीट शुरू हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया।
--------------
लुक्खी गांव में भी चले लात-घूंसे
नाहड़ के ही लुक्खी गांव में भी सरपंच पद के वोटर को अपने पक्ष में वोट डलवाने की बात पर उम्मीदवारों के समर्थक भिड़ गए। मतदान केंद्र से करीब 200 गज की दूरी पर हुई मारपीट की घटना में कोई घायल तो नहीं हुआ, लेकिन मतदान करीब पंद्रह मिनट तक रुका रहा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अतिरिक्त फोर्स आने के बाद हंगामे पर काबू पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें