सरकार दैनिक मजदूरी 20 रूपये बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
सफाई कर्मचारियों की ईपीएफ/ ईएसआई राशि में हेराफेरी की विजिलेंस जांच करवाने के लिए अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के कर्मचारियों ने बुधवार को बैठक का आयोजन किया। बैठक के बाद सीटीएम को ज्ञापन सौंपा। सतपाल चांवरिया ने कहा सफाई कर्मचारियों के खाते में यह राशि हर महीने जमा करवाई जानी होती है, लेकिन ठेकेदार ने अभी तक राशि जमा नहीं कराई है।
ठेकेदार ने इस राशि को हज्म करना चाहता है। वर्ष 2006 से 2014 तक की ईपीएफ/ इएसआई लगभग 45 हजार रुपये बनती है, जिसमें भारी अनियमितताएं हैं। नगर परिषद में 217 के लगभग सफाई कर्मचारी हैं। सफाई कर्मचारियों के साथ ठेकेदार व कुछ दलाल मिलकर धोखा कर रहे हैं। वहीं सीटीएम बिजेंद्र हुड्डा ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि मामले में पूर्ण जांच कराकर कर्मचारियों को न्याय दिलाएंगे।