फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्ज में डूबा ड्राइवर था लूट और हत्या का मास्टर माइंड

Mon, 12 Sep 2016 01:01 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
विज्ञापन
व्यापारी की गोली मारकर हत्या - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर पांच लाख लूटने के मामले के करीब 10 घंटे के अंदर ही आरोपी पुलिस के हाथ लग गए। एसपी संगीता कालिया ने सिटी थाने में बताया कि कार का ड्राइवर वीरू ही हत्या और लूट का सूत्रधार था। वीरू ने प्रदीप यादव नामक शख्स से ब्याज पर 10 हजार रुपये ले रखे थे।
विज्ञापन


रुपये अदायगी करने की बजाय उसने प्रदीप और कायस्थवाड़ा निवासी दीपक उर्फ दीपू को अपनी साजिश में शामिल किया और वारदात को अंजाम दे डाला। यही नहीं वारदात को अंजाम देने के लिए एक पिस्टल, एक कट्टा, 10 राउंड पिस्टल और 2 राउंड कट्टे के कारतूस भी उसी ने मुहैया कराए थे। वारदात से करीब आधे घंटे पहले उसने दोनों साथियों को केबल मार्केट में बुला लिया था। वे घटनास्थल से करीब पांच मीटर की दूरी पर ही खड़े थे।

यूं सफलता लगी पुलिस के हाथ
किसी को शक न हो इसलिए प्लानिंग के हिसाब से वीरू वारदात के बाद घटनास्थल पर ही रुका और खुद ही पूर्णचंद को लेकर ट्रामा सेंटर गया। इसके बाद डीएसपी मोहम्मद जमाल के नेतृत्व में एसएचओ सिटी और सीआईए सतेंद्र टीम के साथ लग गए। शुरूआती पूछताछ में शक होने पर पुलिस ने ड्राइवर वीरू को हिरासत में लिया। चश्मदीद गवाहों से भी पूछताछ की। दोनों बयानों में अंतर मिला तो ड्राइवर से सख्ती के साथ पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई।
विज्ञापन


तीन महीने पहले ही लगा था नौकरी पर
चौधरीवाड़ा निवासी वीरू पहले घनश्याम ठेकेदार के यहां काम करता था। तीन महीने से पूर्णचंद के यहां साढ़े नौ हजार रुपये प्रति महीने की नौकरी पर ड्राइवरी कर रहा था। इससे पहले भी वह कई बार स्क्रैप लेने के लिए पूर्णचंद के साथ गया था। उसे पता था कि हर बार पूर्णचंद के पास सात से आठ लाख रुपये होता है। जल्द ही करीबी होने के लिए वीरू ने पूर्णचंद के छोटे भाई के साथ कुछ दिन पहले ही शराब भी पी थी।

पढ़े लिखे नहीं, बेरोजगार थे नौसिखिये हत्यारोपी
तीनों ही हत्यारोपियों की शिक्षा 12वीं कक्षा से ज्यादा नहीं है। वहीं वीरू के अलावा अन्य दोनों मुफलिसी का जीवन जी रहे थे। एसपी के मुताबिक फिलहाल तीनों ही आरोपियों का इस घटना से पहले का कोई क्राइम रिकॉर्ड भी नहीं मिला है। जिससे माना जा रहा है कि तीनों ही अपराध की दुनिया में नौसिखिये ही थे। हालांकि पुलिस अब यह पता करने में जुटी है कि हथियार कहां से मुहैया हुए। वहीं लूट की शेष रकम भी बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

कैप्टन अजय ने की मुआवजा दिये जाने की मांग
मामले की जानकारी होने पर जहां हरियाणा कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव राव चिरंजीव ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। वहीं पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव ने जिले ही नहीं प्रदेश भर में जंगलराज करार दिया। कैप्टन यादव ने  बताया कि उन्हें इस संबंध में डीसी डॉ. यश गर्ग से बात कर परिजनों को मुआवजा देने का आग्रह किया है। वहीं आईजी ममता सिंह से भी शहर में लॉ एंड ऑर्डर को ठीक करने के लिए कहा है।
--------------

पक्ष
सरेआम एक हत्या सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली है। जींद जाते समय मुझे घटना का पता चला। सीएम से बातकर मृतक पूर्णचंद के परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी और मुआवजा दिलाने का पूरा प्रयास करूंगा। ऐसे घटनाक्रम में परिजनों एवं अन्य का गुस्सा जायज है। इसी के साथ एसपी रेवाड़ी और अन्य पुलिस कर्मियों के काम को भी प्रोत्साहित करना जरूरी है। हम सभी का दायित्व है कि पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर रेवाड़ी को क्राइम फ्री करने के लिए काम करें।  - रणधीर सिंह कापडीवास, विधायक, रेवाड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें