मॉडल टाउन स्थित एक नर्सिंग होम में पांच दिन पहले दाखिल कराए गए सात साल का मासूम जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
वहीं बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चा मर चुका है और बिल बढ़ाने के लिए उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि बच्चे की मौत अभी नहीं हुई है।
दिमाग काम नहीं कर रहा लेकिन दिल धड़क रहा है। उसके बचने की अभी उम्मीद है। कार्यप्रणाली से असंतुष्ट परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार दोपहर कमला नर्सिंग होम में हंगामा किया और डाक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान डॉक्टरों और परिजनों में धक्कामुक्की भी हुई। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
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29 की रात करवाया था दाखिल
ड्योढ़ई गांव निवासी अशोक का बेटा शिवा 29 अगस्त की रात कमला नर्सिंग होम में भर्ती हुआ था। परिजनों ने बताया कि भर्ती होने के बाद शिवा को एक बार दौरा पड़ा, जिसके बाद नर्सिंग होम में मौजूद मेडिकल असिस्टेंट ने हालत नाजुक होने की बात कहते हुए वेंटिलेटर पर रखने को कहा था। इस बीच शिवा की नाक से ब्लीडिंग हुई। वेंटिलेटर पर होने के बावजूद शिवा के हाथ और पैर नीले पड़ गए हैं।
बच्चा जिंदा है या मर गया स्पष्ट नहीं
बुधवार सुबह हॉस्पिटल में हंगामा का कारण बच्चे की स्थिति का स्पष्ट न होना रहा। परिजनों का कहना था कि शिवा की मौत होने के बावजूद डॉक्टर्स बिल बढ़ाने के लिए उसे वेंटिलेटर पर रखे हुए हैं। वहीं डॉक्टर्स बेहद नाजुक हालत होने के बावजूद बचने की उम्मीद जता रहे हैं। हंगामे की सूचना पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। लेकिन यह बात समझाने बुझाने में कहीं गुम हो गई कि बच्चा वास्तव में जिंदा है या नहीं।
मौत हुई तो बाहर कराया जाए पोस्टमार्टम
डीएसपी और मॉडल टाउन थाना इंचार्ज कर्मबीर सिंह के समझाने के बाद परिजनों ने साफतौर पर कहा कि डॉक्टर्स की बात सही मानते हुए इलाज जारी रखते हैं। लेकिन भगवान न करे, अगर बच्चे को कुछ हुआ तो पोस्टमार्टम सिविल हॉस्पिटल में नहीं, बल्कि रोहतक या किसी दूसरे जिले के सरकारी हॉस्पिटल में होगा।
शिवा को काफी क्रिटिकल हालत में लाया गया था। बच्चे की हालत के बारे में रोजाना बताने के साथ ही लिखित में कागजात होने के रिकॉर्ड भी हैं। यह सही है कि शिवा की हालत बेहद नाजुक है, फिर भी हम उसे बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
-डॉ.गौतम यादव, बच्चे का इलाज कर रहे चिकित्सक
मामले की शिकायत परिजन या किसी अन्य सोर्स से मेरे संज्ञान में ही नहीं आई है। शिकायत मिलती है तो तत्काल ही वास्तविक स्थिति साफ करा ली जाएगी।
- डॉ.यश गर्ग, उपायुक्त, जिला रेवाड़ी।