फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता ने नाबालिग साली के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी जीजा को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 2 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 2 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
एसपी कार्यालय की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 14 जून 2023 को जिले के एक गांव की रहने वाली नाबालिग ने पुलिस को बताया था कि उसकी दो बहनों की शादी वर्ष 2015 में हुई थी। जब वह नौवीं कक्षा में पढ़ती थी तो छुट्टियों में वह अपनी बहन के घर गई थी। एक दिन उसकी बहन बाहर गई हुई थी और वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान उसके जीजा ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया।
घटना के बारे में किसी को भी बताने पर उसके जीजा ने उसकी बहन को छोड़ने और उसके पिता व भाई को जान से मारने की धमकी दी। धमकी के कारण वह डर गई और घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। इसके बाद भी उसका जीजा कई बार उसे स्कूल के बाहर मिलता और संबंध बनाने के लिए दबाव डालता। जब वह 12वीं कक्षा में थी तो 1 जनवरी 2023 को स्कूल से घर आते समय उसके जीजा ने धमकी देकर जबरदस्ती बाइक पर बैठा लिया और रेवाड़ी स्थित एक होटल में ले गया। होटल में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और जब वह रोने लगी तो उसके पिता व भाई को जान से मारने और उसकी बहन को छोड़ने की धमकी दी।
सोनीपत में भी किया दुष्कर्म
पीड़िता के मुताबिक 4 जून 2023 को वह अपनी बहन व जीजा के साथ हरिद्वार गई थी। वापस लौटते समय सोनीपत में एक किराये के मकान में रात को ठहरे थे। रात को उसके जीजा ने फिर से धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वापस लौटने के बाद वह डर के कारण परेशान रहने लगी। परिवार के लोगों ने परेशान रहने का कारण पूछा तो नाबालिग ने अपनी मां को जीजा की हरकतों के बारे में बताया। पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर उसके जीजा के खिलाफ धमकी देने व पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया था।
जांच के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट की थी दाखिल
जांच के बाद महिला थाना पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। पुलिस ने अदालत में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए और पीड़िता सहित अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज कराए। सभी दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कैद और जुर्माना की सजा सुनाई है।