प्रेम-प्रसंग के चलते धारूहेड़ा क्षेत्र के गांव ढाकिया निवासी भाभी और देवर ने शुक्रवार सुबह पटौदी रेलवे फाटक के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान देने का मामला सामने आया है।
दोनों दो दिन पहले गांव से लापता थे। परिजनों की शिकायत पर धारूहेड़ा थाना पुलिस ने दोनों की गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था। ग्रामीणों और परिवार के कुछ लोगों की मानें तो दोनों में पिछले काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
गेटमैन की सूचना पर पहुंची जीआरपी ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
जानकारी के अनुसार कोसली क्षेत्र के गांव बपास निवासी सुमन (32) की शादी धारूहेड़ा क्षेत्र के गांव ढाकिया में रहने वाले जयपाल से हुई थी। परिवार में पति के अलावा देवर वीर सिंह और तीन बच्चे शिवानी(8), सलोनी(6) और अंश(5)साल है। बताया जाता है कि गांव में ही रहने वाले और दूर के रिश्ते में देवर लगने वाले अजय(21)के सुमन से प्रेम संबंध थे।
बुधवार को दोनों बिना किसी को बताए अलग-अलग समय पर घर से निकल गए। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे पटौदी रेलवे क्रॉसिंग(फाटक नंबर 56) पर क्रॉसिंग से करीब सौ मीटर की दूरी पर मिले।
सूचना पर पहुंची जीआरपी ने रेलवे ट्रेक पर ही मिले फोन से मृतकों के परिजनों को घटना की जानकारी देने के बाद शिनाख्त कराई। शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
युवक की जेब में मिली आईडी से हुई पहचान
सूचना पर पहुंची जीआरपी को मृतक अजय के कपड़ों में से कर्मचारी राज्य बीमा निगम का कार्ड मिला। वहीं मृतका सुमन के शव से कुछ दूरी पर दो मोबाइल अलग-अलग जगह मिले। मोबाइल में लगे सिम से पुलिस ने मामले की जानकारी मृतका के परिजनों को दी। करीब ग्यारह बजे घटनास्थल पर पहुंचे ढाकिया गांव के लोगों ने मृतका सुमन और मृतक अजय की पहचान की।
...तो सिर्फ एक ही टिकट क्यों था अंबाला का
मृतक अजय की जेब में अंबाला कैंट जंक्शन से रेवाड़ी आने की टिकट मिली है। टिकट अंबाला कैंट स्टेशन से 19 नवंबर की देर रात 12:18 मिनट (ट्रेन समयानुसार 2 नवंबर को 00:18) की कटी है। टिकट में सुपरफास्ट एक्सप्रेस का किराया 11 रुपये का है। इस हिसाब से पूजा एक्सप्रेस ट्रेन से अजय आया था। अब बड़ा सवाल यह है कि अगर दोनों गांव से बुधवार को साथ में निकले थे तो फिर अजय के पास एक ही टिकट क्यों मिला। वहीं अगर दोनों अलग-अलग टिकट लेकर सफर कर रहे थे तो फिर सुमन का टिकट कहां गया। वहीं एक और सवाल यह है कि दोनों ने अगर आत्महत्या की है तो वापस रेवाड़ी आकर ही क्यों की।
दो महीने पहले गांव में हुई थी युवक की पिटाई
मौके पर पहुंचे ग्रामीण और पूर्व सरपंच ने बताया कि सुमन का पति मजदूरी करता था जबकि अजय धारूहेड़ा की एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। सुमन और अजय के प्रेम प्रसंग का परिवारों को ही नहीं, बल्कि गांव वालों को भी पता चल चुका था। इसी के चलते दो महीने पहले ही अजय की गांव में पिटाई भी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद दोनों ने चोरी-छिपे मिलना जारी रखा।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है।
-एसआई नरेंद्र सिंह, जांचकर्ता, जीआरपी थाना