प्रदेश सरकार की ओर से विधानसभा में जाट आरक्षण बिल पास करने के विरोध में आंदोलनरत पिछड़ा वर्ग ने सोमवार को लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पिछड़ा वर्ग संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अनेक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाज कर रोष जताया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त डॉ यश गर्ग को ज्ञापन सौंपा। धरने की अध्यक्षता कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने की।
वक्ताओं ने कहा कि जाटों को आरक्षण दिया जाना किसी भी प्रकार से न्यायोचित एवं संवैधानिक नहीं है। जाट सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से समृद्ध एवं शक्तिशाली हैं। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग इन्हें पिछड़ा वर्ग में शामिल नहीं करने के निर्देश दे चुके हैं।
इसके अलावा प्रदेश में मंत्री से लेकर आईएएस, आईपीएस, एचसीएस अफसरों के साथ कर्मचारियों की संख्या भी जाटों की ज्यादा है इसके बावजूद हरियाणा सरकार इन्हें आरक्षण दे रही है। वर्तमान भाजपा सरकार भी पूर्व की कांग्रेस सरकार की तरह ही जाटो को आरक्षण का लाभ दे रही है जोकि न्यायोचित नहीं है।
यदि केंद्र ने इन्हें ओबीसी में शामिल कर लिया पिछड़े वर्ग के बच्चों के साथ बड़ा धोखा होगा। इसलिए विधेयक को तुरंत निरस्त किया जाए ताकि प्रदेश में शांति बनी रहे। इस दौरान हरियाणा प्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष आरडी शर्मा, सैनी सभा के प्रधान चेतराम सैनी, पिछड़ा वर्ग संयुक्त संघर्ष समिति के जिला प्रधान सुधीर स्वामी, ओमप्रकाश सैन, दौलतराम प्रतापति, एलएल यादव, मास्टर हुकम सिंह, कुलदीप सिंह यादव, नरेंद्र रोहिल्ला, रामौतार रोहिल्ला एवं नरेंद्र लखेरा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।