नगर परिषद कर्मचारी संघ ने ईपीएफ एवं ईएसआई की राशी में गबन की जांच विजिलेंस से कराने की मांग की है। इस संबंध में कर्मचारी संघ के उपप्रधान सतीश बागड़ी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अनुबंध पर लगे सफाई कर्मचारियों से कोरे कागज पर रसीदी टिकट लगवाकर आठ हजार रुपये दिए गए,जबकि प्रत्येक कर्मचारी का ईपीएफ एवं ईएसआई 40-45 हजार रुपये बनता है।
उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर 2015 को नगर परिषद रेवाड़ी में अनुबंध आधार पर लगे 217 सफाई कर्मचारियों ने 2006-2014 तक के ईपीएफ एवं ईएसआई में धांधली की जांच कराने की शिकायत राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग से की थी। हरियाणा सरकार ने आयोग के निर्देश के बाद नप में जांच के आदेश दिए थे।
आयोग को शिकायत शर्मा लेबर कॉन्ट्रेक्टर दिनेश के खिलाफ दी गई थी। आरोप है कि 27 मई से लेकर 29 मई तक कर्मचारियों को से कोरे कागज पर साइन कराकर आठ हजार रुपये थमा दिए गए। उन्होंने कहा कि इसके चलते कर्मचारियों में गहरा रोष है। इस अवसर पर जिला प्रधान ईश्वर सिंह बोडवाल, महेंद्र कुमार चांवरिया ने कहा कि यदि जल्द ही गबन की विजिलेंस जांच नहीं की गई तो कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबृूर हो जाएंगे। इस अवसर पर ताराचंद, त्रिलोक बागड़ी, घनश्याम, अजीत एवं सोमवीर उपस्थित थे।