दिल्ली-जयपुर नेशनल हाइवे पर आरोपियों द्वारा वाहन चालकों से अवैध वसूली का खेल लंबे समय से चल रहा है। पुलिस के तमाम प्रयासों के बाद आरोपियों पर अंकुश नहीं लग पाया है। दो गाड़ियों में सवार करीब एक दर्जन आरोपियों ने पहले शुक्रवार की रात प्राइवेट बसों में तोड़फोड़ की। आरोप है कि आरोपी कई दिनों से प्राइवेट बस संचालकों से मंथली की मांग कर रहे हैं। मंथली नहीं देने पर खौफ पैदा करने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है। पुलिस ने बस आॅपरटरों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
पहले भी दिया चुका ऐसी वारदातों को अंजाम
शक्ति ट्रैवल्स के मालिक अजय ने बताया कि उसकी बसें दिल्ली-जयपुर रूट पर चलती हैं। रात को बावल के नजदीक एक स्कॉर्पिया और एक क्रेटा गाड़ी में आए आरोपियों ने उसकी बस रुकवाकर शीशे तोड़ दिए। विरोध करने पर इन लोगों ने यात्रियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। अजय चौधरी ने बताया कि शनिवार को दोपहर के समय उसकी जयपुर से दिल्ली की ओर जा रही बस को उन्हीं दो गाड़ियों में आरोपियों ने फिर रुकवाकर शीशे तोड़ते हुए यात्रियों से मारपीट की। पुलिस को सूचना दी, तो जवाब मिला कि थाने में आकर शिकायत दर्ज कराओ। इसके बाद उसने थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई है।
हाईवे पर पुलिस गश्त पर उठ रहे सवाल
पुलिस का दावा है कि हाईवे पर पुलिस की चौबीस घंटे गश्त रहती है। हाईवे पर कई घटनाएं हो चुकी है। इसलिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की जिप्सी तैनात रहने का दावा किया जाता है, लेकिन शुक्रवार रात को हुई वारदात के बाद पुलिस की गश्त पर ही सवाल उठने लगे हैं। लोगों को कहना है कि हाईवे पर दिनरात वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में पुलिस की नाकामी हाईवे पर सफर करने वालों के लिए परेशानी बन सकती है।
हाइवे पर मंथली का खेल पुराना
नेशनल हाइवे पर ओवरलोड डंपरों से लेकर प्राइवेट बसों तक से आरोपी किस्म के लोग मंथली वसूल कर रहे हैं। सड़क पर धंधा करने के कारण सभी वाहन मालिक उनका विरोध नहीं कर पाते। पुलिस ऐसे लोगों पर अंकुश नहीं लगा पाई है। घटना के बाद कई बस आॅपरेटरों ने बणीपुर चौक के पास एकत्रित होकर पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी भी की। देखना यह है कि इस मामले में पुलिस का अगला कदम क्या होगा।