45 ओवरलोड, तीन रोडवेज जैसी फर्जी बसें जब्त
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जयपुर से दिल्ली जाते समय ओवरलोड वाहनों के जाम में परिवहन मंत्री के फंसने पर लगी फटकार के बाद प्रशासनिक तंत्र की सुस्ती टूटी है। शुक्रवार रात को एडीसी और आरटीए सचिव प्रदीप दहिया की अगुवाई में चलाए अभियान के दौरान अधिकारियों की टीम ने 45 ओवरलोड वाहनों को जब्त किया। इस कार्रवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा रोडवेज की तीन डुप्लीकेट बसों को भी जब्त किया गया। इन प्राइवेट बसों के संचालकों ने बसों का रंग पूरी तरह से रोडवेज बसों जैसा किया हुआ था। शुक्रवार रात से दोपहर तक हुई इस कार्रवाई से ओवरलोड वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया।
जिले में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ पहली बार इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है, जिसके बाद जुगाड़ करके चलने वाले वाहन चालकों के भी होश फाख्ता हो गए हैँ। आलम यह है कि जिला प्रशासन की तरफ से दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर तीन-तीन नाके लगाने के बाद भी ओवरलोडिंग का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ओवरलोडिंग की इस चेन को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों की ड्यूटियां भी लगाई इसके बाद शुरूआती दौर में कुछ हद तक अंकुश भी लगा लेकिन इसके बाद ओवरलोडिंग माफिया ने कोशिशें कम नहीं की जिसके चलते पंचायतीराज विभाग के एक जेई को भी कुचलकर मार डाला। यूं बेखौफ होकर हमले के बाद कर्मचारियों में भय हो गया जिसके चलते कुछ समय बाद फिर से ओवरलोडिंग का खेल प्रारंभ हो गया। इसी बीच चार दिन पहले परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार जयपुर से दिल्ली जाते समय जयसिंहपुरखेड़ा बैरियर के समीप ओवरलोड वाहनों की वजह से लगे जाम में फंस गए। इसके बाद उन्होंने बणीपुर चौक पहुंचकर अपनी निगरानी में अन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर 30 से अधिक ओवरलोड वाहनों को जब्त कराया। परिवहन मंत्री की फटकार के बाद शुक्रवार रात को एक बार फिर आरटीए सचिव प्रदीप दहिया, एसडीएम रविंद्र यादव तथा रोडवेज अधिकारियों की अगुवाई गठित तीन टीमों ने रात में ही ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कसना शुरू कर दिया था। इसके अलावा दिल्ली-जयपुर हाईवे पर हरियाणा रोडवेज के कलर में दर्जनों डुप्लीकेट बसें चलाई जा रही है, जो ना केवल सवारियों को गुमराह करते हैं। रोडवेज की डुप्लीकेट बसों की लंबे समय से शिकायतें आ रही थी। पिछले दिनों आरटीए टीम ने कार्रवाई कर तीन बसों को जब्त किया था।
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दो मोबाइल टीम और तीन सब पार्टियां गठित
ओवरलोड वाहनों और रोडवेज की डुप्लीकेट बसों पर शिकंजा कसने के लिए नोडल अधिकारी प्रदीप दहिया के नेतृत्व में दो मोबाइल टीमें गठित की गई थी। इसके अलावा तीन सब पार्टियों का भी गठन किया गया था। इन टीमों ने बनीपुर चौक पर हाईवे के दोनों ओर एक साथ टीमें तैनात कर कार्रवाई को अंजाम दिया। हालांकि इस दौरान वाहन चालकों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन आरटीए टीम द्वारा चालकों द्वारा छोड़े वाहनों को थाने में पहुंचा दिया गया।
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20 से अधिक बसें दौड़ती है नकली रोडवेज
हाईवे पर यात्रियों को रोडवेज बस होने का झांसा देने और टैक्स बचाने के लिए दिल्ली-जयपुर के बीच करीब 20 अधिक बसें हरियाणा, राजस्थान, पंजाब रोडवेज के हूबहू चलती है। ये बसें अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर टैक्स भी बचा लेते हैं।
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ये रहें टीम में शामिल
आरटीए सचिव प्रदीप दहिया के अलावा कोसली एसडीएम रविंद्र यादव, बावल के तहसीलदार मनीष कुमार, निरीक्षक नवीन कुमार के अलावा रोडवेज और एनएचएआई के कर्मचारी भी शामिल थे।
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सांठगांठ करने वाले कर्मियों पर गिरेजी गाज
हाइवे पर ओवरलोड वाहनों से सांठगांठ करके उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय। अधिकारियों ने बताया कि सभी विभागों को पत्र लिखा जा चुका है। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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वर्जन
ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विभाग की नीति पूरी तरह से जीरो टोलरेंस है, तथा ऐसे वाहन चालकों कते खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। डुप्लीकेट रोडवेज बसों के बारे में भी शिकायतें लगातार मिल रही थी जिसके बाद इन पर कार्रवाई की गई है। जब्त वाहनों पर 30 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
- प्रदीप दहिया, एडीसी एवं सचिव आरटीए रेवाड़ी।
जीपीएस से देखते थे लोकेशन
ओवरलोड वाहन चालक आरटीए टीम को देखते ही अपने वाहनों को रोड पर ही खड़ा कर भाग जाते है। वाहन के बंद होते ही जीपीएस भी बंद हो जाता है। ऐसे में अधिकारी वाहनों को चलाकर थाने भी नहीं ले जा सकते। तथा वाहन चालक दूूर खड़े-खड़े जीपीएस सिस्टम के माध्यम से ही आरटीए टीम की लोकेशन देखते रहते है। आरटीए टीम के जाने के बाद अपने वाहनों को चालू करके ले जाते थे।
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धारूहेड़ा पुलिस ने भी कसा शिकंजा
धारूहेड़ा थाना पुलिस की ओर से भी शनिवार को 58 ओवरलोड डंपरों चालान किए है। पुलिस की इस कार्रवाई से ओवरलोड डंपर चालकों में हड़कंप मच गया है। धारूहेड़ा थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई कार्रवाई के तहत दिल्ली-जयपुर हाईवे एवं भिवाड़ी रोड की ओर जाने वाले ओवरलोड डंपरों के चालान किए गए। धारूहेड़ा में सबसे अधिक ओवरलोड डंपर भिवाड़ी के रास्ते से आते हैं।