प्रिंस हत्याकांड: सीआईडी धारावाहिक की दर्ज पर मांगना चाहता था फिरौती
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी /धारूहेड़ा।
धारूहेड़ा के मालपुरा गांव में आठ साल के प्रिंस की हत्या के मामले में आरोपी दिगंबर ने कबूल किया है कि उसने टीवी पर सीआईडी धारावाहिक देखकर बच्चे का अपहरण कर फिरौती मांगने की साजिश रची। साजिश के तहत ही उसने मालपुरा में किराए पर दो अलग-अलग कमरे लेकर अपनी साजिश को अंजाम देना शुरू किया।
पुलिस जांच अधिकारी बिजेंद्र ने बताया कि रिमांड के दौरान दिगंबर की पूरी साजिश से पर्दा उठाया है। दिगंबर ने बताया कि वह बड़ा बनना चाहता था। इसी वजह से उसने एक साल पहले ही घर छोड़ दिया। पिछले दिनों उसने टीवी पर आने वाला सीआईडी नाटक देखा। इसे देखकर उसके मन में भी इसी तरह की कोई साजिश रचकर जल्द पैसा कमाने का फितूर जगा। चार दिसंबर को मालपुरा में गांव में आठ साल के बच्चे प्रिंस की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। जिसके आरोप में पुलिस ने भरतपुर निवासी दिगंबर को गिरफ्तार किया था। दिगंबर फिलहाल पुलिस रिमांड पर चल रहा है।
--------
धारावाहिक में मांगे थे 20 लाख रुपये
दिगंबर ने पुलिस को बताया कि वह एक साल से इधर-उधर मजदूरी करता हुआ घूम रहा था। जिसमें वह सात से आठ हजार रुपये ही कमा पा रहा था। इससे उसकी बड़ा बनने की महत्वाकांक्षा पूरी नहीं हो पा रही थी। एक दिन एक चाय की दुकान पर बैठकर उसने सीआईडी धारावाहिक देखा। इसमें एक व्यक्ति बच्चे का अपहरण कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगता है। बस यहीं से दिगंबर के दिमाग में साजिश ने जगह ली। उसने सोचा अगर वह व्यक्ति 20 लाख रुपये फिरौती मांग सकता है तो 20 हजार रुपये उसे भी मिल सकते हैं। इसी के चलते उसने अपनी साजिश को रंग देना शुरू कर दिया।
----------
तीन दिन में लिए दो कमरे
दिगंबर ने धारूहेड़ा में आने के बाद सबसे पहले बच्चों वाली जगह तलाशनी शुरू की। इसके लिए उसने मालपुरा में घरों के आसपास 29 नवंबर को एक कमरा लिया। इसके बाद दूसरा कमरा गांव से थोड़ा बाहर एक दिसंबर को लिया। दिगंबर अपने गांव वाले कमरे पर रहा था। साजिश के तहत बच्चे को दूसरे कमरे पर ले जाकर उसके परिजनों से वहां फिरौती मांगना था।
----------
कोई शोर ना सुने इसलिए घोंट दिया गला
दिगंबर ने इस साजिश को अंजाम देने के लिए रविवार का दिन चुना। तीन दिसंबर के दिन सभी बच्चे गांव में ही मंदिर के समीप खेल रहे थे। दिगंबर बच्चों को चॉकलेट देकर पहले ही इनका विश्वास जीत चुका था। उस दिन इसकी नजर प्रिंस पर थी। प्रिंस को एक चॉकलेट देकर दिगंबर उसे गांव में स्थित अपने कमरे पर ले आया। यहां दूसरी चॉकलेट देकर उसे खेल में लगा दिया। इसके बाद पहले कपड़े से हाथ बांधे। इस पर प्रिंस शोर मचाने लगा। आवाज तेज होने पर दिगंबर ने प्रिंस का गला दबाया। जिस पर और तेज रोने लगा। इससे दिगंबर घबरा गया। अपने आपको बचाने के प्रयास में दिगंबर ने रस्सी से प्रिंस का गला घोंट दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद दिगंबर ने प्रिंस के शव को एक ट्रॉली बैग में रखा और अपने दूसरे कमरे पर ले गया। दिगंबर भागने की फिराक में था। लेकिन पुलिस की सतर्कता से वह धरा गया।
-------------
परिजनों ने किया आने से इनकार
उधर, घटना के बाद पुलिस ने आरोपी दिगंबर के परिजनों को सूचित किया। परिजनों को जब दिगंबर की इस घटना का पता लगा तो उन्होंने आने से ही मना कर दिया। दिगंबर अपने एक साल में भिवाड़ी सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में भी रहा। पुलिस अभी यह भी जांच कर रही है कि कहीं वहां भी तो इसने कोई वारदात को अंजाम नहीं दिया।