दहेज हत्या के आरोपी पति को सात साल की सजा
रेवाड़ी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार की अदालत ने दहेज हत्या के आरोपी पति को साल की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपी पति प्रीतम को दोषी करार दिया व सात साल की सजा सुनाई।
घटनाक्रम के अनुसार गांव बेरली कलां निवासी प्रीतम की पत्नी मोनिका की 12 जून 2017 को संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी पर लटकती मिली थी। मृतका के भाई गांव काकोड़िया निवासी सोनू ने उसके पति प्रीतम पर ही दहेज की खातिर उसकी बहन की हत्या करने का आरोप लगाते हुए जाटूसाना थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। भाई की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस द्वारा अदालत में पेश किए चालान में बताया कि मोनिका की हत्या उसके पति प्रीतम ने ही दहेज की खातिर की थी। चालान में कहा गया था कि प्रीतम ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उसकी छोटी बहन मोनिका की शादी 27 नवंबर 2016 को बेरली कलां निवासी प्रीतम पुत्र अतर सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद ससुराल पक्ष द्वारा मोनिका को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। 12 जून को उन्हें सूचना मिली थी कि मोनिका ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे तो मोनिका का शव चौबारे में बेड पर पड़ा हुआ था तथा उसके गले पर निशान भी थे। पुलिस ने अदालत में साक्ष्य तथा गवाह पेश किए। साक्ष्यों व गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार की अदालत ने आरोपी पति प्रीतम को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए सात साल की कैद की सजा सुनाई है।