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पिता के साथ स्कूल जा रहे बच्चे को बस ने कुचला

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पिता के साथ स्कूल जा रहे बच्चे को बस ने कुचला
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
पिता के साथ बाइक पर बैठकर स्कूल जा रहे एक पांच वर्षीय एलकेजी के छात्र की शुक्रवार सुबह एक कंपनी की बस से कुचलकर मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक बस को झज्जर चौक खड़ी कर भाग निकला। आक्रोशित लोगों ने बस में तोड़फोड़ कर उसमें आग लगाने का प्रयास किया। इस पर समय रहते काबू पा लिया गया। हालांकि स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने भीड़ पर लाठियां भी भांजी। इसमें कई लोगों को चोटें आई। पुलिस ने छात्र के परिजनों को ही हिरासत में ले लिया। इससे लोगों में खासा रोष नजर आया।
शहर के नई आबादी निवासी सुनील अपने पांच वर्षीय बेटे यश को बाइक पर बैठाकर घर से थोड़ी दूर स्थित जीसस स्कूल छोड़ने जा रहा था। करीब 8.10 बजे रेलवे चौक की तरफ से आ रही बावल स्थित एक निजी कंपनी की बस ने बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में सुनील तो बच गया लेकिन बस का टायर यश के सिर के ऊपर से निकल गया। लोगों ने तुरंत उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने यश को वहां मृत घोषित कर दिया। चालक दुर्घटना के बाद बस को भगा ले गया। कुछ लोगों ने बस के पीछे बाइक लगाकर उसे झज्जर चौक पर रुकवा लिया। तब तक बस चालक और उसमें सवार कर्मचारी भाग निकले। घटना से आक्रोशित लोगों ने बस में तोड़फोड़ कर दी। इसी दौरान किसी ने बस में आग लगाने का भी प्रयास किया, लेकिन मृतक के परिजनों और पुलिस के समझाने के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
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पुलिस की देरी पड़ सकती थी भारी
घटना सुबह 8:10 की है। आक्रोशित लोगों ने झज्जर चौक पर बस में तोड़फोड़ कर उसमें आग लगाने का प्रयास किया। घटनास्थल से महज चंद कदम की दूरी पर पेट्रोल पंप है। अगर बस में आग लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता है। उधर, मौके पर पहुंचे शहर थाना प्रभारी मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजने की मांग करते रहे। लेकिन साढ़े नौ बजे जाकर एक बस में कुछ पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। हालांकि इससे पहले डीएसपी हेडक्वार्टर गजेंद्र शर्मा मौके पर पहुंच चुके थे।
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डीएसपी से हाथापाई
घटना से आक्रोशित लोग आरोपी बस चालक की गिरफ्तारी के साथ बड़े अधिकारियों को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। पुलिस के समझाने पर भी वह नहीं माने। देखते ही देखते मामला बिगड़ता चला गया। डीएसपी हेडक्वार्टर गजेंद्र शर्मा, थाना शहर, सदर, कसौला, धारूहेड़ा, रामपुरा एसएचओ और कुछ पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंची। भीड़ करीब 200 के करीब थी। पुलिस के पास ना तो कोई ठोस योजना थी और ना ही बवाल से बचने का कोई उपाय। भीड़ ने पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के बारे नारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने डीएसपी से हाथापाई तक कर दी। लोगों ने डीएसपी को भी खूब खरीखोटी सुनाई। सुबह 9:33 बजे मृतक की मां रोती-बिलखती कुछ महिलाओं के साथ झज्जर चौक पर धरने पर बैठ गई। महिलाएं सड़क पर ही जाम लगाकर विरोध जताने लगी। इस पर महिलाओं और महिला पुलिसकर्मियों में भी काफी नोकझोंक हुई। धरने पर बैठी महिलाओं से धक्का-मुक्की भी की गई।
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पुलिस ने भांजी लाठियां तो बिगड़ी बात
हालत बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ पर लाठियां भांजनी शुरू कर दिया। विरोध जता रहे मृतक के चाचा सहित परिवार के पांच-छह लोगों पर पुलिस ने लाठियां मारी। पुलिस इन्हें गाड़ी में ठूंसकर ले गई। उधर, करीब ढाई घंटे तक बवाल चलने के बाद भी पुलिस कप्तान का मौके पर नहीं पहुंचना लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। इसे लोगों में खासा रोष देखा गया।
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