पुलिस दल पर फायरिंग करने के तीन दोषियों को दस साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश एसके खंडूजा की अदालत ने करीब एक वर्ष पुलिस के गश्ती दल पर फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के तीन दोषियों को दस साल की सजा और 27 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार 3 मार्च 2017 की रात को पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ गो तस्कर टाटा-407 गाड़ी में गायों को भरकर गोकसी के लिए मेवात लेकर जा रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस की विशेष टीम ने दिल्ली - जयपुर राजमार्ग पर गांव ड्योढई के नजदीक नाकाबंदी की थी। इसी दौरान जब जयपुर की तरफ से आ एक टाटा-407 को रुकने का इशारा किया तो उसमें सवार गो-तस्करों ने नाकाबंदी तोड़ दी। नाकाबंदी तोड़ने के बाद जब पुलिस ने उनका पीछा किया तो बदमाशों ने पुलिस दल पर फायरिंग कर दी। दोषियों द्वारा की गई फायरिंग में पुलिस जवान बाल-बाल बचे थे। जवाबी फायरिंग में दो गो तस्कर घायल हुए थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और गो वंश संरक्षण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर मेवात जिला के गांव चिलावली निवासी दाउद, गांव मिलकपुर तुर्क निवासी साकिर और गुवारका निवासी जावेद को गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वार प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके खंडूजा की अदालत ने आरोपियों को दस वर्ष की कैद और 27 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नही भरने पर दोषियों को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। पुलिस की तरफ से इस मामले की पैरवी सरकारी अधिवक्ता नीलम ने की।