अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
मर्डर, अपहरण, रंगदारी एवं लूट जैसी 26 से अधिक संगीन वारदात का आरोपी और झोटा गैंग का सरगना राजकुमार उर्फ झोटा शनिवार को एसपी की स्पेशल टीम के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने आरोपी को शहर के मोहल्ला संघी का बास स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है। झोटा ने आठ साल में 26 संगीन अपराधों के साथ जुर्म की दुनिया में खूब दहशत फैलाई। रंगदारी एवं शराब के अवैध कारोबार कब्जा करने के लिए बीते दिनों झोटा एवं आलू गैंग के बीच दोहरे हत्याकांड से लेकर छह हत्याएं हो गई, लेकिन पुलिस झोटा और आलू गैंग के सरगना तक नहीं पहुंच पाई। झोटा को उसके घर से ही गिरफ्तार कर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन चर्चा यह भी है कि आरोपी इतने दिनों सेे अपने घर पर ही रह रहा था, फिर पुलिस ने उसे पहले गिरफ्तार क्यों नहीं किया। शहर के मोहल्ला तेजपुरा में हुई गैंगवार के दौरान भी झोटा सीसीटीवी में दिखाई दे रहा था। गौरतलब है कि गैंगवार में झोटा गैंग के मरिंडा की हत्या हो गई थी। शनिवार सुबह तड़के हुई कार्रवाई में एसपी की स्पेशल टीम के इंचार्ज विद्या सागर एवं अन्य पुलिस कर्मी मौजूद थे।
2008 में आलू गैंग ने पीटकर किया था बेदम
धारूहेड़ा चुंगी निवासी रवि उर्फ आलू और संघी का बास निवासी राजकुमार उर्फ झोटा पहले एक साथ ही काम करते थे। इन दोनों के बीच साल 2008 में पहली बार झगड़ा हुआ था। बात इतनी बढ़ गई थी कि आलू गैंग के बदमाशों ने झोटा को शहर की पंजाबी धर्मशाला के पास बेरहमी से पीटा और मरा समझकर चले गए। हालांकि झोटा इस हमले में बच गया था। इसके बाद से दोनों के अलग-अलग गैंग बने और दोनों एक दूसरे को ठिकाने लगाने के लिए मौके ढूंढने लगे। तब से लेकर अब तक गैंगवार में दर्जन भर लोग ढेर हो चुके हैं।
छह साल बाद झोटा गैंग ने आलू को उतारा मौत के घाट
झोटा को आलू गैंग द्वारा अधमरा करने के बाद काफी लंबे समय तक शहर में शांति रही। लेकिन जैसे ही झोटा पूरी तरह से स्वस्थ होकर बाहर निकला तो 2014 में दोनों गैंग के बीच खूनी संघर्ष की कहानी शुरू हो गई। साल 2014 में झोटा गैंग के बदमाश राकेश और संदीप ने शहर के गांधी नगर में कुख्यात बदमाश रवि उर्फ आलू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदले में आलू गैंग के बदमाशों ने झोटा के भाई पर उसके घर में ही फायरिंग की थी। दोनों वारदातों के समय झोटा भौंडसी जेल में बंद था। वहीं धारूहेड़ा चुंगी पर हुई गैंगवार में झोटा गैंग के दो बदमाशों को आलू गैंग ने लाठी-डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया था, जिसमें संजय उर्फ चवन्नी की पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद चवन्नी की हत्या के आरोप में पुलिस ने वाल्मीकि बस्ती धारूहेड़ा चुंगी निवासी तरुण कुमार उर्फ तन्नू, बंजारवाड़ा निवासी बिरेंद्र उर्फ बिंदर और वाल्मीकि बस्ती निवासी योगेश उर्फ भोटा को गिरफ्तार किया।
आरओ प्लांट संचालक से पांच लाख की रंगदारी मामले में हो चुकी है गिरफ्तारी
18 जुलाई 2016 को सुबह रोहित नई बस्ती स्थित अपने दोस्त पवन के आरओ प्लांट पर आ गया था। इसी दौरान झोटा कार में अपने साथियों के साथ पहुंच गया था। इस दौरान पांच लाख की रंगदारी देने से मना करने पर राजकुमार उर्फ झोटा ने पिस्तौल निकालकर हवाई फायर कर दिया तथा साथियों के साथ भाग गया था। सीआईए पुलिस ने एक सितंबर को झोटा को गिरफ्तार किया था। वहीं झोटा गैंग के सदस्यों ने ही 17 अगस्त को पूर्व पार्षद के भाई से रंगदारी मांगी थी। 18 अगस्त को आरोपी प्रदीप ने पूर्व पार्षद गोपाल कर्दम के पास फोन करके कहा कि तुम्हारे भाई का फोन बंद है। बताई गई रकम पहुंचा दो वरना हमने जो कहा था वह करके दिखा देंगे।
जनवरी में डॉक्टर से मांगी थी पांच लाख की रंगदारी
जनवरी में जेल से जमानत पर आने के बाद झोटा ने शहर के एक डॉक्टर से पांच लाख की रंगदारी मांगी थी। डॉक्टर ने बदमाशों से बिना डरे इसकी शिकायत पुलिस को थी। पुलिस ने डॉक्टर को सुरक्षा मुहैया कराने के बाद आरोपी को छह जनवरी को फिर दबोच लिया था। हाल में भी जमानत पर आने के बाद झोटा लूट, आर्म्स एक्ट सहित आधा दर्जन मामलों में फरार चल रहा था।
एक लाख का ईनामी आलू गैंग का सरगना अभी भी फरार
शहर की दो मुख्य गैंग आलू एवं झोटा में से राजकुमार उर्फ झोटा पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। लेकिन हाल में झोटा गैंग के कई सदस्यों को मारने वाली आलू गैंग का मुख्य आरोपी सुनील फरार है। रवि उर्फ आलू का भाई सुनील रामगढ़ भगवानपुर में दो बदमाशों को मौत के घाट उतारने सहित आधा दर्जन से अधिक मामलों में वांछित चल रहा है। इसी को देखते पुलिस ने सुनील पर एक लाख रुपये का ईनाम भी रखा है। उल्लेखनीय है कि सुनील की पत्नी पार्षद का चुनाव भी लड़ चुकी है।
झोटा को पकड़ लिया है। शीघ्र आलू गैंग के सरगना सुनील को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसपी के निर्देश पर चौतरफा कार्रवाई की जा रही है। -विद्या सागर, इंचार्ज, रेवाड़ी एसपी स्पेशल टीम