छठी कक्षा की छात्राओं से छेड़छाड़ करने पर संस्कृत अध्यापक निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
पाल्हावास थाना क्षेत्र के एक गांव के सरकारी स्कूल में छठी कक्षा की छात्राओं से अश्लील हरकत करने पर शिक्षा विभाग ने एक शिक्षक को सस्पेंड कर दिया है। एक माह बाद मामले का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग के अलावा आसपास के गांवों में चर्चाओं का आलम है। मामले में परिजनों का कहना है कि शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।
जानकारी के अनुसार पाल्हावास थाना क्षेत्र के एक गांव के राजकीय कन्या माध्यमिक स्कूल में करीब एक माह पूर्व कक्षा छठी कक्षा की 87 छात्राओं में से करीब 28 छात्राओं ने महिला शिक्षिका को बताया कि स्कूल का संस्कृत विषय का अध्यापक उनके साथ अश्लील हरकत करता है। इसका उन्होंने कई बार विरोध भी किया, लेकिन शिक्षक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इसके बाद महिला शिक्षिका ने स्कूल के मुख्य अध्यापक को शिक्षक के बारे में बताया तो उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी को इस मामले की जानकारी दी। शिक्षक की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल इस मामले में संज्ञान लिया। विभाग की तरफ दो महिला शिक्षिकाओं सहित तीन लोगों की एक कमेटी का गठन कर जांच बैठा दी गई। इसके बाद अश्लील हरकत के आरोपी संस्कृत शिक्षक को दोषी पाया गया। जांच के बाद शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया। वीरवार को छात्राओं से छेड़छाड़ के बाद स्कूल में पहुंचे मीडिया के लोगों को देखकर स्कूल के मुखिया स्कूल छोड़कर भाग गए। हालांकि स्कूल की छात्राओं ने खुलेआम मीडिया को बताया कि किस प्रकार स्कूल का संस्कृत शिक्षक उनके साथ अश्लील हरकत करता था।
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आपरेशन दुर्गा का भी सामने आया सच
पुलिस विभाग की तरफ से बेटियों को कानून एवं अधिकारों के प्रति जागरूक करने को लेकर चलाया जा रहे ऑपरेशन दुर्गा की असलियत भी सामने आ रही है। करीब दो माह तक स्कूल की बेटियां कलयुगी शिक्षक की अश्लील हरकतों को सहती रही, लेकिन ना तो स्कूल के शिक्षकों ने बेटियों की समस्या को पुलिस तक पहुंचाने की जहमत उठाई और ना ही ऑपरेशन दुर्गा के तहत कार्य करने वाली पुलिस अधिकारियों ने बेटियों के दर्द को समझा।
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क्या कहते हैं शिक्षा अधिकारी
स्कूल के मुख्य अध्यापक द्वारा शिक्षक द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़ की शिकायत मिलने के बाद जांच कमेटी का गठन कर आरोपी शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस को शिकायत देने का कार्य स्कूल के मुख्य अध्यापक द्वारा करनी चाहिए। - सुरेश कुमार गौरिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।