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साइबर ठगों ने बीएसएफ के रिटायर्ड इंस्पेक्टर के खाते से कर डाली तीन लाख की शॉपिंग

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बैंक एकाउंट की जानकारी मांगकर साइबर ठगों ने की तीन लाख की शॉपिंग
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
फर्जी बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने रेवाड़ी के गांव मोहनपुर निवासी भारतीय सीमा सुरक्षा बल के रिटायर्ड इंस्पेक्टर सुंदरलाल से 3.10 लाख रुपये की ठगी कर डाली। साइबर ठगों ने रिटायर्ड इंस्पेक्टर के एक नहीं अपितु दो खातों को पूरी तरह से साफ कर दिया। उनके एकाउंट से कुल तीन लाख दस हजार रुपये की शॉपिंग कर ली। मैसेज आने के बाद उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और जब रेवाड़ी और बावल स्थित बैंक शाखा में पहुंचे तो इस ठगी का का पता चला।
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दरअसल ठगी की यह वारदात सुंदरलाल के साथ उस समय हुई जब वे परिवार के लिए नई कार लेने के लिए शोरूम में थे। इस दौरान उन्होंने पूछताछ की और कार की बुकिंग भी करा दी। इसी दौरान उनके पास साइबर ठग का फोन आया और बताया कि आपके दोनों खातों के एटीएम कार्ड बंद हो गए हैं। वह भारतीय स्टेट बैंक के मुख्यालय से बोल रहा है। कार्ड और खाता से संबंधित जानकारी देने के बाद ही उनके एटीएम चालू हो पाएंगे। कार शोरूम में होने के कारण उन्होंने समझा कि शायद बैंक से ही फोन आया है। इसके बाद उन्होंने पहले अपने रेवाड़ी मुख्य शाखा में मौजूद खाता नंबर के बारे में जानकारी दी। उसके बाद बावल शाखा में मौजूद खाता और एटीएम कार्ड की जानकारी दी। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य भी साथ थे। उन्होंने एक बार तो जानकारी नहीं देने को कहा। गलतफहमी की वजह से साइबर ठगों ने उनके दोनों खातों की जानकारी लेकर तीन दिन के अंदर तीन लाख दस हजार रुपये की शॉपिंग कर डाली। साइबर ठगों ने रेवाड़ी शाखा के खाते से 1.60 लाख और बावल शाखा के खाते से 1.50 लाख रुपये की शॉपिंग की है। इसके पीड़ित ने शहर थाना पुलिस के साथ बावल पुलिस में भी मामले की शिकायत दी है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
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