रेवाड़ी। जिले की नहरों में नहाने पर रोक लगाने के लिए जिलाधीश अशोक कुमार शर्मा ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के आदेश किए हैं। नहरों में नहाते समय डूबने के हादसे रोकने और सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। नहर में नहाते पाए जाने पर 200 रुपये जुुर्माने के साथ एक महीने की सजा का भी प्रावधान तय किया गया है।
जिलाधीश अशोक कुमार शर्मा ने अधीक्षक अभियंता (सिंचाई विभाग) को नहरों पर चेतावनी बोर्ड लगाने बारे आदेश दिये हैं। पिछले साल नहर में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। जिले की नहरों में नहाते समय हर साल औसतन 5 से 7 लोगों की मौत होती है। गर्मी के मौसम में हादसे बढ़ जाते हैं। जिले में जवाहर लाल नेहरू कनाल सबसे बड़ी नहर है। जिलाधीश की ओर से चिह्नित किए गए जेएलएन से लगते हुए गांव भाकली, कोसली, करनावास, मुरलीपुर, गुडियानी, जाटूसाना, लाला, नैनसुखपुरा, ढोहकी, किशनगढ बालावास, घासेडा, लिसाना, गिंदोखर, बीकानेर, लिसाना- गोकलगढ, गोकलगढ-ढोहकी, कुम्भावास, रेवाडी सिटी, काकोडिया, गुरकावास, रामगढ बुडानी, बुडाना, कालाका, माढैया कलां, कोनसीवास, माजरा गुरदास, कोनसीवास-साल्हावास, बैरियावास-शहबाजपुर, लालपुर, ढयोढई, आसलवास, पातुहेडा, नंगली रायपुर, मुसेपुर, बेरली खुर्द, नांगल, चौकी नंबर 11, औलांत, बुडौली, लाधूवास-भोतवास, खेड़ा आलमपुर, चांदनवास पर कमेटी निगरानी रखेगी। गर्मी के मौसम में कुछ लोग अवैध तौर पर नहर में नहाते हैं। नहर में नहाना कानूनी तौर पर जुर्म है। नहर में नहाते पाए जाने वाले व्यक्ति पर धारा 188 के तहत कार्रवाई होगी।
आईपीसी की धारा 188 (सरकारी सेवक के कानूनी आदेश की अवह्ेलना) के तहत मामला दर्ज करने पर दो तरह की सजा का प्रावधान है। जिसमें किसी दूसरे व्यक्ति की जान के लिए खतरा बनने की आशंका पर छह महीने की कैद और 5 हजार रुपये का प्रावधान है। नहर में नहाते पाए जाने पर धारा के दूसरे हिस्से के अनुसार 200 रुपये का जुर्माना और एक महीने की कैद हो सकती है।
- सुधीर यादव, प्रधान बार एसोसिएशन , रेवाड़ी
नहर में नहाना कानूनी तौर पर गलत है। इसके लिए नहरों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगवाए जा रहे हैं। कुछ नहरों के किनारे पहले से ही बोर्ड लगे हुए हैं। इसके अलावा गांवों में मुनादी भी कराई जाएगी। सिंचाई विभाग के कर्मी भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
अशोक कुमार शर्मा, डीसी, रेवाड़ी