अमर उजाला ब्यूरो
धारूहेड़ा । औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा के सेक्टर छह स्थित हाउसिंग बोर्ड में शनिवार रात को बदमाशों ने एटीएम बूथ में लगी दो मशीनों को तोड़कर 8.5 लाख रुपये और हार्डडिस्क लेकर फरार हो गए। एटीएम से लाखों रुपये की चोरी की सूचना के बाद कस्बे में हड़कंप मच गया। रविवार सुबह सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं मिल पाया था।
पुलिस के अनुसार कस्बे के सेक्टर छह के हाउसिंग बोर्ड में स्थित कारपोरेशन बैंक के एटीएम बूथ में शनिवार रात को बदमाशों ने एटीएम की दोनों मशीनों को निशाना बनाते हुए तोड़कर उनमें रखे करीब 8 लाख 58 हजार रुपये निकाल लेकर फरार हो गए। शातिर बदमाश दोनों मशीनों की हार्डडिस्क भी साथ ले गए, जिससे सीसीटीवी फुटेज भी गायब हो गए। रविवार सुबह करीब दस बजे सफाई कर्मचारी द्वारा बूथ का गेट खोलने पर देखा कि दोनों मशीनें टूटी थी। सफाई कर्मचारी ने इसकी सूचना बैंक अधिकारियों एवं मशीनों की देखरेख करने वाले सुपरवाइजर को दी। जांच के बाद बैंक अधिकारी द्वारा धारूहेड़ा थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। एटीएम मशीनों की देखरेख करने वाली कंपनी एजीएस के सुपरवाइजर विकास कुमार की शिकायत पर पुलिस अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
नहीं थम रही जिले में एटीएम की वारदात
शातिर बदमाशों द्वारा जिले में आए दिन किसी न किसी एटीएम बूथ को अपना निशाना बना रहे हैं। लेकिन पुलिस बदमाशों का सुराग लगाने में नाकाम साबित हो रही है। करीब चार दिन पूर्व खोल थाना क्षेत्र के कंवाली गांव में पीएनबी के एटीएम बूथ को भी बदमाशों ने निशाना बनाया था।
नहीं था सुरक्षा कर्मी
एक बूथ में दो एटीएम मशीनें होने के बावजूद भी यहां किसी भी सुरक्षा कर्मी को तैनात नहीं किया गया था। सुरक्षा कर्मियों का अभाव कहीं ना कहीं अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। कस्बे में दो दर्जन से अधिक एटीएम बूथ हैं, जिनमें से अधिकांश पर सुरक्षाकर्मी नहीं रहते हैं। जिससे बदमाश आसानी से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि लोगों द्वारा कई बार बूथों पर सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाने की मांग की जा चुकी है।
देखरेख कंपनी के सुपरवाइजर की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। बदमाश सीसीटीवी की हार्ड डिस्क को भी अपने साथ ले गए हैं।
जगदीश प्रसाद, एसएचओ धारूहेड़ा