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शातिरों युवकों

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पंचायत से मुनादी करा पैन कार्ड बनाने के नाम ठगे हजारों
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिले के गांव कुंभावास, गोकलपुर, खलीलपुरी, चिल्हड़ सहित कई गांवों के गांवों के ग्रामीण जनवरी माह में शातिर ठगों के शिकार हो गए। केंद्र सरकार की पैन कार्ड बनाने की योजना के नाम पर शातिर ठगों न केवल पंचायत के माध्यम से दोनों गांवों में मुनादी करा दी अपितु ग्रामीणों को इस बात का विश्वास तक दिला दिया तक यह कार्य केंद्र सरकार करा रही है। इसमें गांव-गांव पहुंचकर लोगों के पैन कार्ड बनाए जाने हैं। अब पूरे तीन माह से भी अधिक का समय बीतने के बाद भी जब कोई पैन कार्ड नहीं आया तो ग्रामीणों को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ है। हालांकि किसी भी ग्रामीण ने मामले को लेकर पुलिस में शिकायत नहीं दी है।
ठगी के शिकार कुंभावास निवासी रोहताश, नवल सिंह, मांघेराम, रामबती, राजेश कुमार, शेखर, सरोज देवी ने बताया कि जनवरी में उनके व गोकलपुर गांव में कुछ युवक पहुंचे थे। युवकों ने बताया था कि वे सरकारी योजनाओं के लिए पैन कार्ड बनाने के लिए आए है। ठग सबसे पहले सरपंच के घर पहुंचे तथा उन्हें भी अपनी बातों से यकीन दिला दिया कि उनको सरकार की तरफ से ही भेजा गया है। इसके बाद पंचायत की तरफ से गांव में मुनादी करा दी गई कि पैन कार्ड बनवाने के लिए शिविर आयोजित होगा। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने प्रति व्यक्ति 140 रुपये के हिसाब से फीस ली और जल्द ही पैन कार्ड उनके घर के पते पर मुहैया कराने का आश्वासन दिया। गांव में ही सुविधा मिलने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीणों युवकों ने उनके पास पैसे जमा कराकर पैन कार्ड के लिए आवेदन जमा करा दिए। युवकों ने पैन कार्ड के लिए गांव कुंभावास और गांव गोकलपुर के करीब 300 ग्रामीणों के आवेदन लेकर चलते बने। पैन कार्ड आवेदन के एक माह के अंदर संबंधित व्यक्ति के पास पहुंच जाता है। परंतु जब दोनों ही गांवों में चार माह बाद भी पैन कार्ड नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों को ठगी का अहसास हुआ। ग्रामीणों ने युवकों द्वारा दिए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करना शुरू किया तो वे स्विच आफ मिले। ग्रामीण कई दिनों से मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, परंतु अब भी नंबर बंद है। बताया जा रहा है युवकों न कुंभावास व गोकलपुर के अतिरिक्त अन्य गांवों में भी ग्रामीणों से पैन कार्ड के नाम पर पैसे लेकर ठगी की है।
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ठगों ने खुद को भाजपा अजा वर्ग का पटौदी हलके का पदाधिकारी बताकर कहा था कि इसके लिए सरकार की तरफ से उन्हें भेजा गया है। एक माह बाद जब कार्ड नहीं आए तो हमने संपर्क किया तो जल्द कार्ड भिजवाने का आश्वासन दिया। अब उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ है। - सुरेंद्र सिंह सरपंच कुंभावास
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