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रेवाड़ी

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रेवाड़ी जिला उपभोक्ता फोरम ने एक कोरियर कंपनी पर दस्तावेज पहुंचाने में बरती गई लापरवाही पर कोरियर कंपनी पर 16 हजार 960 रुपये का जुर्माना लगया है। शिकायतकर्ता की तरफ से भेजी गई डाक न तो संबंधित पते पर पहुंचाई और न ही वापस भेजी गई है। उपभोक्ता फोरम ने आठ माह तक चले केस के बाद कोरियर कंपनी पर यह जुर्माना लगाया है।
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खोल खंड के गांव टींट निवासी अधिवक्ता रणबीर सिंह यादव का बेटा अंकित यादव झारखंड के धनबाद स्थित आईआईटीआईएसएम में पढ़ाई करता है। रणबीर सिंह ने बताया कि उसके बेटे ने उक्त इंस्टीट्यूट में जिस कोचिंग के लिए दाखिला लेना था उसकी फीस 1.25 लाख रुपये थी। लेकिन मेरी इंकम डिटेल भेजने से उसकी फीस मात्र 40 हजार लगनी थी। जिसके लिए उसने अपनी इंकम दस्तावेज व बेटे के कुछ ओरिजनल दस्तावेज व बैंक ड्राफ्ट धनबाद पहुंचाना था। शहर के पुराना कोर्ट रोड स्थित दुकान से उसके ट्रैकऑन कंपनी के माध्यम से सभी दस्तावेज दिनांक पिछले वर्ष 4 सितंबर को कोरियर से भेजे थे। काफी दिनों तक कोरियर धनबाद नहीं पहुंचा। रणबीर के अनुसार कंपनी ने ना तो कोरियर धनबाद पहुंचाया और ना ही वापस उसके पास पहुंचाया। जिससे उसे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी हुई। जब काफी दिनों तक भी कोरियर का कुछ पता नहीं चला तो उसने इसी वर्ष 12 फरवरी को कोरियर कंपनी और आनंद फोटोकॉपी दुकान के मालिक के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में केस दायर कर दिया। केस लगभग आठ माह तक चला और अदालत ने 7-8 बाद दोनों पक्षों को बुलाया। केस में कोरियर कंपनी की लापरवाही पाये जाने पर फोरम ने उस पर 10 हजार रुपये नुकसान की भरपाई, 5500 रुपये वाद खर्च, 60 रुपये कोरियर खर्चा के साथ 9 प्रतिशत ब्याज सहित कुल 16960 रुपये की राशि रणबीर सिंह को अदा करने आदेश दिए। इस केस में रणबीर सिंह का उनके साथी अधिवक्ता कैलाश चंद ने भी साथ दिया।
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