बैंक के अंदर लाइन में लगे सीएमसी कंपनी के कर्मी का 22 लाख रुपये से भरा बैग उड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
सरकुलर रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा से शुक्रवार दोपहर को एक शातिर चोर काउंटर के समीप से 22 लाख रुपये से भरा बैग ले उड़ा। सीएमसी कंपनी का कर्मचारी दो पेट्रोल पंपों से कलेक्शन कर रुपये जमा कराने बैंक पहुंचा था। कर्मचारी के पास कुल 39 लाख रुपये थे। इसमें एक बैग बच गया। बैंक के अंदर से हुई इतनी बड़ी चोरी के बाद बैंक से लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने शहर में नाकाबंदी भी कराई लेकिन राशि उड़ाने वाला का कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर उसके आधार पर 22 लाख रुपये उड़ाने वाले बदमाश की तलाश तेज कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज में नजर आया शातिर बैग ले जाते
घटना के बाद जब पुलिस बैंक पहुंची तो उसने सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। इसमें लाल रंग की शर्ट पहने एक युवक रुपयों से भरा बैग ले जाता नजर आ रहा है। पुलिस ने बताया कि नारनौल की पुरानी मंडी जल महल निवासी नंदकुमार सीएमएस कंपनी में कलेक्शन का कार्य करता है। शुक्रवार को वह दो पेट्रोल पंपों से कलेक्शन के करीब 39 लाख रुपये लेकर सरकुलर रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा में जमा कराने आया था। उसने रुपये दो बैगों में रखे थे। एक बैग में 21.76 लाख और दूसरे बैग में 17. 24 लाख रुपये थे। नंद कुमार करीब दोपहर सवा बारह बजे बैंक के अंदर पहुंचा। काउंटर के समीप रुपयों से भरे दोनों बैग रखे। इसके बाद डिपॉजिट फार्म भरने में व्यस्त हो गया। डिपॉजिट फार्म भरने के दौरान उनके पीछे तीन युवक लाइन में खड़े हो गए। एक युवक लाल रंग की शर्ट पहने था। उसने चुपके से एक बैग उठाया और वहां से चुपचाप निकल गया। लाइन में खड़े दो युवक वहीं पर खड़े रहे जिसकी वजह से नंदकुमार को इस बात का आभास तक नहीं हुआ। एक बैग के रुपये लिफाफों में रखकर जमा कराने के बाद जब उसने दूसरा बैग संभालना चाहा तो उसके होश उड़ गए। दूसरा बैग वहां से गायब था। इसके बाद उन्होंने शोर मचा दिया। बैंक के अंदर से 22 लाख रुपये गायब होने के बाद बैंक अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। घटना के तुरंत बाद बैंक प्रबंधक ने मामले की जानकारी शहर पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस बल बैंक पहुंचा और तत्काल पूरे शहर में नाकाबंदी करा दी। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो लाल रंग की शर्ट पहना युवक बैग ले जाता नजर आया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर उसके आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
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बैंक में थे छह पुलिसकर्मी और एक सुरक्षागार्ड
जिस समय बैंक में रुपये गायब होने की वारदात हुई उस समय बैंक में छह पुलिसकर्मी और एक बैंक का सुरक्षा गार्ड तैनात था। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि बैंक में आने-जाने वाले लोगों से किसी तरह की पूछताछ नहीं की जा रही थी। इसी वजह से 22 लाख रुपये उड़ाने वाला बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से निकल गया। सरकुलर रोड पर होने के कारण बैंक की इस शाखा में लोगों का आवागमन भी अधिक रहता है।
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कर्मचारी के साथ नहीं थे सुरक्षा गार्ड
सीएमएस कंपनी तरफ से क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों और अन्य संस्थानों से रुपयों का कलेक्शन करके बैंकों में जमा कराने का कार्य किया जाता है। इसकी एवज में कंपनी की तरफ से निर्धारित शुल्क देना पड़ता है। हालंाकि सीएमएस कंपनी को रुपये देने के बाद की जिम्मेदारी कंपनी की हो जाती है। यहां देखने वाली बात यह है कि कलेक्शन के समय कंपनी कर्मचारी के साथ कोई भी सुरक्षा गार्ड नहीं था, जबकि आए दिन लूटपाट और छिना झपटी की वारदातें हो रही हैं।
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क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
बैंक में रुपये जमा कराने के लिए आए व्यक्ति के रुपये से भरे एक बैग को एक युवक उठा ले गया, जिसमें करीब 22 लाख रुपये थे। युवक सीएमएस कंपनी का कर्मचारी था, जो क्षेत्रों में बैंकों आदि से रुपये कलेक्शन का कार्य करती है। पीड़ित नंदकुमार की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। - नरेंद्र कुमार, एचएसओ शहर पुलिस थाना
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कर्मचारी की लापरवाही
इस घटनाक्रम में बैंक की कोई गलती नहीं है। रुपये जमा कराने वाले कर्मचारी की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है। बैंक का इसमें कोई लेना देना नहीं है। - एसएस गुप्ता, प्रबंधक पीनएबी।
क्या कहते हैं लीड बैंक प्रबंधक
बैंकों द्वारा ग्राहकों की सुरक्षा को पूरी सतर्कता बरती जाती है। जहां आवश्यकता होती है उस बैंक में सुरक्षा गार्ड रखे जाते है। आवश्यकतानुसार बैंकों एवं एटीएम बूथों पर सुरक्षा गार्ड रखे हुए है।
कमल शर्मा, लीड बैंक प्रबंधक रेवाड़ी।
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ज्यादातर मामलों में लोग बेहद लापरवाही बरतते हैं। यदि कोई व्यक्ति अधिक रकम लेकर जाता है अथवा लाता है तो वह पुलिस से सुरक्षा ले सकता है। ज्यादातर लोग ऐसा नहीं करते हैं। वहीं ऐसी कंपनियों के बारे में भी उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
- नरेंद्र सिंह शहर थाना प्रभारी।
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