रेवाड़ी/कोसली। एटीएम लूट की वारदात को अंजाम देने वाला गिरोह बेखौफ है। कोसली के गुडियानी रोड स्थित एटीएम बूथ को गिरोह से जुड़े सदस्यों ने महज 21 दिन के अंतराल पर दोबारा निशाना बनाया है। बदमाशों ने एटीएम को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया लेकिन सेफ रैक तोड़ने में कामयाब नहीं हो पाए। इस कारण एटीएम में रखी करीब 70 हजार रुपये की राशि सुरक्षित बच गई। उधर पुलिस के लिए चुनौती यह है कि जनवरी से अब तक की इन वारदातों में पुलिस के हाथ खाली है।
जानकारी के अनुसार सोमवार रात को बदमाशों ने कोसली कस्बे के गुडियानी रोड पर स्थित एसबीआई के एटीएम का उखाड़ने का प्रयास किया। उखाड़ने के प्रयास में बदमाशों ने एटीएम को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। एटीएम को उखाड़ने में कामयाब नहीं होने अथवा किसी के आने की संभावना के बीच बदमाश यहां से निकल गए। इससे पहले 13 अगस्त की रात को भी बदमाशों ने इसी एटीएम को निशाना बनाकर सेफ रेक को तोड़ने का प्रयास किया था। ये लोग उस समय भी कामयाब नहीं हुए थे। अब ठीक 20 दिन बाद बदमाशों ने इसे उखाड़ने का प्रयास किया लेकिन इसमें भी कामयाबी नहीं मिल पाई। एक माह के दौरान इस एटीएम को तोड़ने की यह दूसरी वारदात है। मंगलवार सुबह जब आसपास के लोगों ने शटर उठाकर देखा तो एटीएम को क्षतिग्रस्त देखा। इसकी सूचना पुलिस और बैंक अधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंचे बैंक अधिकारियों ने जांच के दौरान पाया कि बदमाश मशीन से रुपये नहीं निकाल पाए। अधिकारियों ने इसकी शिकायत कोसली पुलिस को दी है। इसकी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है घटना के वक्त बूथ पर कोई भी सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। इससे पूर्व भी बदमाश 13 अगस्त की रात को इस बूथ को तोड़कर चुके हैं। इसके बावजूद भी ना तो बैंक अधिकारियों की नींद टूटी है और ना ही पुलिस का इस तरफ कोई ध्यान गया है। अगस्त माह के दौरान जिले में तीन मुख्य सड़कों पर स्थित एटीएम को तोड़कर वारदातों को अंजाम दिया है, लेकिन पुलिस किसी भी मामले में बदमाशों का सुराग नहीं लगा पाई है। दूसरी ओर जिले के अधिकांश एटीएम बूथों पर सुरक्षा गार्ड भी नदारद है।
राम भरोसे हैं तमाम एटीएम बूथों की सुरक्षा
जिले की बात करें तो जिले में विभिन्न बैंकों के करीब 175 एटीएम में हैं। इनमें करीब 74 एटीएम रेवाड़ी शहर में है। विभिन्न बैंकों के इन एटीएम में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। एटीएम बूथों पर ना तो सुरक्षा गार्ड और कइयों में सीसीटीवी कैमरे खराब होने के कारण बदमाशों के लिए यह बेहद आसान निशाना है। बैंकों और पुलिस की इस लापरवाही का खामियाजा ग्राहकों को भुगतना पड़ रहा है। बूथों पर सुरक्षा और सीसीटीवी की व्यवस्था की मांग को लेकर कई बार ग्राहकों ने आवाज भी उठाई है, लेकिन हालात ज्यों के त्यों बनेे हैं। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार दोपहर को जब बैंकों के एटीएम बूथों का निरीक्षण किया तो मिला कि भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंकों के एटीएम पर गार्ड ही नहीं है। हालांकि कुछ एटीएम पर गार्ड थे जिनमें निजी बैंकों के अधिक है जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों पर ज्यादातर पर सुरक्षा गार्ड नहीं हैं।
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जनवरी से अब तक हुई वारदात
3 सितंबर की रात को कोसली के गुडियानी रोड पर एटीएम
13 अगस्त को कोसली के गुडियानी रोड स्थित एसबीआई स्टेट बदमाशों ने किया उखाड़ने का प्रयास
- 2 अगस्त को भाड़ावास रोड स्थित एक एटीएम में बदमाशों ने तोड़फोड़ करके 44 हजार रुपये निकाले
- 29 जून को शहर भाड़ावास के रोड स्थित आत्मप्रकाश अस्पताल के समीप एसबीआई एटीएम बूथ को उखाड़ने का असफल प्रयास।
- 17 मई को ब्रास मार्केट से चार लाख 58 हजार रुपये से भरी एटीएम चोरी।
- 15 मई की रात को ब्रास मार्केट से 4.58 लाख रुपये से भरी एटीएम चोरी।
- 26 फरवरी को शहर के केवल बाजार में एटीएम उखाड़ने का प्रयास
- 30 जनवरी की रात खिजूरी से 2 लाख 20 हजार रुपये से भरी एटीएम चोरी।
- 25 जनवरी को कंवाली गांव में हितेची कंपनी के एटीएम को तोड़कर उसमें से डेढ़ लाख रुपये निकाले।
- 15 जनवरी को सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक कोसली में ताला तोड़कर चोरी का प्रयास किया गया।
- 13 जनवरी को गोपाल देव चौक पर एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर तोड़फोड़ कर चोरी का प्रयास।
सभी एटीएम बूथों पर सुरक्षा गार्ड रखा जाना संभव नहीं है और जहां पर संवेदनशील क्षेत्र है वहां के एटीएम पर ही सुरक्षा गार्ड रखने का प्रावधान है।
दीपक कुमार गुप्ता, लीड बैंक प्रबंधक