सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला बयान से मुकरी
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। लोन दिलाने का झांसा देकर तीन सरकारी कर्मचारियों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला अदालत में अपने बयानों से मुकर गई। इसके बाद पुलिस ने आरोप लगाने वाली महिला एवं उसके पति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामला जनवरी का है। जानकारी के अनुसार पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने बताया था कि वह एवं उसकी बहन ने अनाज मंडी स्थित हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम कार्यालय में लोन के लिए आवेदन किया था। लेकिन यहां पर मौजूद दो निगम कर्मचारी एवं वस्त्र मंत्रालय के एक कर्मचारी ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला का आरोप था कि लोन आवेदन करने के बाद 21 जनवरी को निगम से फोन आया। फोन में बताया गया कि भिवानी से कोई अधिकारी आ रहे हैं। जैसे ही वह निगम दफ्तर पहुंची तो यहां पर मौजूद तीन कर्मचारियों ने जबरदस्ती से उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने तीनों कर्मचारियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कर गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया था। जांच के बाद अदालत में चालान पेश किया था। अदालत में महिला अपने बयानों से मुकर गई। महिला के अपने बयानों से मुकर जाने के बाद पुलिस ने कानूनी राय लेने के बाद शुक्रवार को एसआई उषा रानी की शिकायत पर महिला व उसके पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।