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महिला की मौत

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फोटो-दीपक भारद्वाज
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समाजसेवा के नाम पर गरीबों को अनाज बांटने के दौरान भगदड़ होने से हुई थी महिला की मौत, आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, महिला की टूटी हुई थी पसलियां
हैडिंग : पोस्टमार्ट रिपोर्ट के आधार पर धनवंतरी पिता-पुत्र पर लगी गैर जमानती धारा
-पहले सिविल लाइन थाने से ही मिल गई थी जमानत
: अब अदालत से करवानी होगी जमानत, सेशन कोर्ट में चलेगा केस, 10 साल तक की सजा संभव
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बजरंग भवन के पास समाजसेवा के नाम पर सस्ती दर पर अनाज लेने पहुंची महिला गुड्ढी देवी की न केवल पसलियां टूटी हुई थीं, बल्कि दाई ओर के फेफड़े की परत भी छिल गई थी। सिविल लाइन पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कथित समाजसेवी मोहित धनवंतरी व उसके पिता सत्यनारायण सहित अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 कर दी है। यह न केवल गैर जमानती धारा है, बल्कि 10 साल की सजा का प्रावधान है। जबकि पहले 304ए के तहत मामला दर्ज था, जिसमें दो साल की सजा का प्रावधान है। नई धारा लगने के बाद अब आरोपियों को न केवल अदालत से जमानत करवानी पड़ेगी, बल्कि केस निचली अदालत की बजाए सेशन कोर्ट में चलेगा।
सूत्रों से मिली महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मानें तो काठमंडी निवासी गुड्ढी देवी को गंभीर रूप से चोटें आई थीं। महिला की दोनों तरफ की पसलियां टूट गई थीं और कई में फैक्चर हुए थे। यही नहीं दाई ओर के फेफडे़ की एक परत छिल गई थी, इससे रक्त एकत्रित हो गया था। इससे मरीज को असहनीय दर्द के साथ सांस लेने में समस्या हुई और उसकी कुछ ही मिनटों में मौत हो गई। रिपोर्ट की मानें तो महिला का दिमाग घटना से पहले सामान्य था, इसलिए दर्द के दौरान हुई तकलीफ का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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परिजन का आरोप, केस वापस लेने का बनाया जा रहा दबाव
काठमंडी के शांति नगर निवासी कपिल ने बताया कि उसकी 60 वर्षीय मां गुड्डी बजरंग भवन मंदिर के समीप मोहित धनवंतरी के यहां रविवार सुबह नौ बजे राशन लेने आई थीं। यहां पर सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के आने का भी कार्यक्रम था। इसके चक्कर में भीड़ को लाइन में लगाए रखा और साढ़े तीन बजे जब राशन बंटना शुरू हुआ तो एक-दूसरे से पहले राशन लेने को लेकर भीड़ बेकाबू हो गई। इस दौरान उसकी मां गुड्डी की मौत हो गई, जबकि काठमंडी निवासी महिला मूर्ति देवी भी घायल हो गई। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करते हुए आरोपी मोहित और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, बाद में थाने से ही दोनों को जमानत मिल गई थी। वहीं महिला के बेटे कुलदीप का कहना है कि अभी भी आरोपी पक्ष के कुछ लोग फैसले का दबाव बना रहे हैं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया कि महिला की पसली टूटी हुई थी। कई जगह और भी चोटें हैं। इसके चलते महिला की मौत हो गई। पहले मामला 304ए के तहत दर्ज किया गया था। अब मामले में धारा 304 लगाई गई है। आरोपियों को पुलिस दोबारा गिरफ्तार कर अदालत में पेश करेगी, क्योंकि इस धारा में पुलिस खुद जमानत नहीं दे सकती।
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-नरेश कुमार, एसएचओ सिविल लाइन थाना
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10 साल की सजा संभव, गैर जमानती धारा 304
अचानक हुई लापरवाही से किसी की मौत होने पर पुलिस धारा 304ए के तहत मामला दर्ज करती है। इसमें दो साल तक की सजा का प्रावधान है। चाहे तो पुलिस भी थाने से जमानत दे सकती है। हालांकि, चालान पेश करते समय अदालत से जमानत लेनी पड़ती है। जबकि धारा 304 न केवल गैर जमानती है, बल्कि 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। इसका ट्रायल सेशन कोर्ट में ही चल सकता है। अब पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करना होगा।
-एडवोकेट दीपक भारद्वाज, पूर्व बार सचिव
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