धारूहेड़ा। शहर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का पूर्णाहुति, हवन-यज्ञ और विशाल भंडारे के साथ समापन हुआ। हवन-यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालकर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। कथा वाचक भारत भूषण ने हवन-यज्ञ के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म में हवन का विशेष महत्व है। हवन में दी जाने वाली आहुतियों से वातावरण की शुद्धि के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजनों के माध्यम से संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान किया। आयोजक डॉ. अश्वनी जोशी ने बताया कि पूर्णाहुति और आरती के बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।