रेवाड़ी। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए करीब दो दर्जन ऑनलाइन मोबाइल एप शुरू किए हैं। इनका प्रयोग कर मतदाता या कोई भी उम्मीदवार अपनी समस्या का निवारण करा सकता है। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल हुड्डा ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया को सरल एवं सुविधाजनक बनाने के लिए ऑफलाइन ही नहीं, ऑनलाइन भी कई सेवा शुरू की गई है। है।
उदाहरण के तौर पर 18 साल का कोई युवा या युवती अपना वोट बनवाना चाहता है तो वह वोटस डाट र्ईसीआई डाट इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। यह सुविधा केवल तब तक है, जब तक कि लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं हो जाती। नामांकन पत्रों के दाखिल शुरू होने के बाद इसे बंद कर दिया जाएगा। हरियाणा प्रदेश में नामांकन प्रक्रिया 29 अप्रैल से आरंभ होगी और 6 मई तक जारी रहेगी। इसी प्रकार निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल के नाम से एक नया एप शुरू किया है। इस मोबाइल एप को डाउनलोड कर कोई भी नागरिक आदर्श आचार संहिता की कहीं अवहेलना हो रही है तो उसकी फोटो या वीडियो बनाकर अपनी शिकायत भेज सकता है, जिसका निवारण निर्वाचन कार्यालय की ओर से 100 मिनट में किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए भी निर्वाचन आयोग ने कैंडिडेट नॉमिनेशन एप्लीकेशन के नाम से एक एप बनाया है। कोई भी प्रत्याशी इस एप का प्रयोग कर अपने आवेदन को ऑनलाइन दर्ज करवा सकता है। इसमें ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से जमानत राशि जमा करने का विकल्प प्रदान किया गया है। एक बार आवेदन दर्ज होने के बाद उम्मीदवार कैंडिडेट सुविधा एप का प्रयोग कर अपने आवेदन की कार्यवाही पर नजर रख सकते हैं। रिटर्निंग अधिकारियों के लिए आयोग ने एनकोर के नाम से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इसमें उम्मीदवारों का आवश्यक डाटा फीड रहता है। उम्मीदवारों की संपत्ति के विवरण को देखने के लिए आयोग ने शपथ पत्र पोर्टल बनाया है। इस एप पर किसी उम्मीदवार की चल-अचल संपत्ति, हलफनामे को ऑनलाइन देखा जा सकता है।
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मतदाताओं को अपना डाटा देखने की सुविधा
उपायुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इसी प्रकार भारत निर्वाचन आयोग ने बूथ एप के माध्यम से मतदाताओं की डिजिटल पहचान करने की सेवा शुरू की है। मतदाता वोटर हेल्पलाइन एप को ईपीआईसी कार्ड से जोड़कर अपनी मतदाता पर्ची को डाउनलोड कर सकते हैं। वोटर टर्नआउट एप में जनसंख्या के अनुपात में बने वोटों की संख्या को देखा जा सकता है। वोटर पोर्टल और वोटर हेल्पलाइन एप मतदाताओं को अपना डाटा देखने की सुविधा प्रदान करते हैं। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए आयोग ने एप आरंभ किया है। इस एप का प्रयोग कर दिव्यांगजन नाम, मतदाता पहचान पत्र आदि की जांच कर सकते हैं।