रेवाड़ी। शहर से हर रोज निकलने वाले 100 टन कूड़े को 25 किलोमीटर दूर रामसिंहपुरा में प्रोसेसिंग के लिए ले जाने पर एक साल में नगर परिषद करीब साढ़े 6 करोड़ रुपये खर्च करेगा। नगर परिषद की तरफ से शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए यह प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यालय को भेज दिया है। इसके तहत घर-घर से कूड़ा उठाने और उसे एक स्थान पर एकत्रित करने के बाद रामसिंहपुरा में बनाई गई प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाया जाएगा। इस बार ई-रिक्शा सहित 50 गाड़ियों से शहर के घर-घर से कूड़ा एकत्रित किया जाएगा। कूड़ा एकत्रित करने के लिए गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी व तंग गलियों से ई-रिक्शा के माध्यम से कूड़ा एकत्रित किया जा सकेगा।
शहर में नगर परिषद के आंकड़ों के अनुसार हर रोज करीब सौ टन कूड़ा निकलता है। इसे शहर के डंपिंग स्थानों पर एकत्रित करने के बाद उसे डंपर व ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से नेशनल हाईवे 48 पर स्थित रामसिंहपुरा गांव में बनाई गई प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि शहर में जगह-जगह कूड़ा एकत्रित करने के लिए नगर परिषद की तरफ से करीब 200 कूड़ादान रखे गए हैं। उसके बाद भी जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे दिखाई दे रहे हैं। इन ढेरों पर हर समय बेसहारा गोवंश गंदगी खाकर पेट भरता नजर आता है।
- घर-घर से किया जाएगा कूड़ा एकत्रित
करीब ढाई लाख की आबादी वाले शहर रेवाड़ी से ठेकेदार के माध्यम से फिलहाल घर-घर से कूउ़ा एकत्रित करने के लिए 30 छोटे वाहन लगाए गए हैं। जो शहर के डंपिंग स्टेशनों तक कूड़ा पुहंचाते हैं। यहां से दो बुलडोजर व तीन डंपरों के माध्यम से कूड़े को निस्तारण केंद्र तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं नगर परिषद के पास अपने संसाधन भी हैं। इनमें दो बुलडोजर, चार ट्रैक्टर ट्राली, एक डंपर, एक स्वीपिंग मशीन एक कॉम्पेक्टर शामिल हैं।
शहर की सफाई के लिए 464 कर्मचारी नियुक्त
रेवाड़ी शहर की गलियों व सड़कों की सफाई के लिए 464 सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं। इनमें 139 सफाई कर्मचारी नगर परिषद के पक्के कर्मचारी हैं। इनके अलावा 225 सफाई कर्मचारी अनुबंधित कर्मचारी शामिल हैं।
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वर्जन:
शहर से हर रोज निकलने वाले कूड़े को एकत्रित कर निस्तारण केंद्र तक पहुंचाने के लिए साढ़े छह करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को भेज दिया गया है।
- संदीप कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद
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वर्जन:
शहर के कूड़े को निस्तारण केंद्र तक पहुंचाने के लिए योजना तैयार की जा चुकी है। फिलहाल इसके लिए मुख्यालय से वित्तीय मंजूरी का इंतजार है।
- पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद, रेवाड़ी।