संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नई शिक्षा नीति के तहत अब राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थी टैबलेट पर परीक्षा देंगे। मौलिक शिक्षा विभाग ने इसकी सभी तैयारी पूरी कर ली गई। स्कूलों में यह व्यवस्था 10 नवंबर से लागू की जाएगी।
अभी तक स्कूलों में टैबलेट पर सिर्फ मासिक टेस्ट ही लिए जाते थे। अब बच्चों को वार्षिक और अर्द्ध वार्षिक परीक्षा भी टैबलेट पर ही देनी होगी। हालांकि अभी बच्चों के पास टैबलेट नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि हरियाणा में केवल कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को ही टैबलेट दिए गए हैं। नए फैसले पर सरकार क्या करने वाली है, इस पर जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी। दूसरी तरफ इस नई व्यवस्था में शिक्षकों का भी अहम रोल रखा गया है। पेपर के दौरान शिक्षक विद्यार्थियों की मदद करेंगे। मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से टैबलेट पर ही ऑनलाइन पेपर भेजा जाएगा, जिसको विद्यार्थी हल करेंगे। इसके बाद ऑनलाइन ही पेपर का परिणाम भी जारी किया जाएगा।
डिजिटल रूप से बच्चे होंगे परिपक्व
इस नई व्यवस्था को लागू करने का मुख्य मकसद बच्चों को डिजिटल रूप से जोड़ना है। ताकि उन्हें छोटी कक्षाओं से ही डिजिटली ज्ञान मिल सके। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आदेश के मुताबिक सभी व्यवस्था करवाई जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं ताकि 10 नवंबर तक व्यवस्था सुचारू रूप से चल पाए विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
वर्जन :
बच्चों को किसी तरह की परेशानी ना हो, इसको लेकर शिक्षकों को विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऐसे में शिक्षा विभाग पूरी तरह से इस नियम को लेकर तैयार है।- वीरेंद्र, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।