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मुख्यमंत्री राहत कोष : अब आवेदन के 15 दिन में मिलेगी राशि

Sun, 10 Mar 2024 01:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वालों को सरल पोर्टल पर आवेदन करने की सुविधा प्रदान की है। इससे यह प्रक्रिया और अधिक सरल और आसान हो गई है। मुख्यमंत्री राहत कोष से इलाज के लिए जरूरतमंदों को आवेदन के 15 दिन में आर्थिक सहायता मिलेगी।
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इलाज खर्च का 25 प्रतिशत पैसा ही मिलेगा। इसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपये निर्धारित की गई है। वहीं आवेदक वित्तीय वर्ष में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है। मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। आवेदक अपनी परिवार पहचान पत्र आईडी के माध्यम से सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।

इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए आवेदकों को अपने चिकित्सा बिल, ओपीडी बिल आदि जैसे दस्तावेजों को अपलोड कर मुख्यमंत्री राहत कोष से चिकित्सा आधार पर वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं योजना में किए गए बदलावों के तहत यदि कोई बीमारी आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में कवर नहीं हो रही है, तो आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को भी इस योजना के तहत लाभ मिलेगा।
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इंसेट
टीम में होंगे ये सदस्य

मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत आर्थिक सहायता के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इसमें संबंधित एमपी, संबंधित एमएलए, उपायुक्त, सिविल सर्जन, नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, जिला परिषद के चेयरमैन, पंचायत समिति के चेयरमैन को सदस्य और नगराधीश को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

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आवेदन की ये है प्रक्रिया

डीसी ने आवेदन मंजूरी की पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही आवेदक आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर अपना आवेदन डालेगा वैसे ही आवेदन को संबंधित क्षेत्र के सांसद, विधायक, अध्यक्ष जिला परिषद, अध्यक्ष ब्लॉक समिति, मेयर या एमसी के अध्यक्ष के पास भेजा जाएगा। ये जनप्रतिनिधि पांच दिन के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ डीसी कार्यालय को भेजेंगे। इसके उपरांत आवेदन को डीसी कार्यालय द्वारा संबंधित तहसीलदार को आवेदक की चल-अचल संपत्ति के सत्यापन और सिविल सर्जन को मेडिकल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए भेजा जाएगा।

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पांच दिन की समय सीमा निर्धारित की गई

डीसी राहुल हुड्डा ने बताया कि इस पूरी प्रकिया में संपत्ति के सत्यापन के लिए चार दिन और सिविल सर्जन कार्यालय से जुड़े सत्यापन कार्य के लिए पांच दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। दोनों विभागों से मिली जानकारी को उपायुक्त की संस्तुति के साथ कमेटी के सदस्य सचिव को भेजा जाएगा। इसे वे सीनियर एकाउंट अधिकारी को भेजेंगे। इसके बाद स्वीकृत की गई राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेज दी जाएगी। कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि सीधे आवेदक या लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। यदि कोई आवेदक दूसरे राज्य में इलाज करवा रहा है और वह चाहता है कि उपचार की राशि सीधे अस्पताल को मिले तो वह संबंधित अस्पताल की बैंकिंग डिटेल्स भी सांझा कर सकता है।
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