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Rewari News: आज नहाय खाय से छठ पूजा की होगी शुरुआत

Thu, 16 Nov 2023 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। छठ पूजा का त्योहार आज से शुरू हो रहा है। शहर के 16 सोलाहराही तालाब में सबसे अधिक लोग छठ पूजा के लिए आते हैं। फिलहाल यहां पर साफ सफाई कर टेंट लगाकर छठ पूजा के लिए तैयार की जा चुकी है। वहीं, सोलाहराही तालाब में प्रवेश मार्ग पर सजावटी द्वार भी बनाया गया है। यह आयोजन पूर्वांचल सेवा समिति की ओर से करवाया जा रहा है। धारूहेड़ा में भी तैयारियां जोरों शोरों से की गई है। छठ पर्व की शुरूआत नहाय-खाय के साथ होती है। इसके दूसरे दिन को खरना कहते हैं। इस दिन व्रती को पूरे दिन व्रत रखना होगा। शाम को व्रती महिलाएं खीर का प्रसाद बनाती हैं। छठ व्रत के तीसरे दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है। इस दिन महिलाएं शाम के समय तालाब या नदी में जाकर सूर्य भगवान को अर्घ्य देती है। चौथे दिन सूर्य देव को जल देकर छठ पर्व का समापन किया जाता है। छठ में 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है। वहीं, छठ पूजा 19 नवंबर को होगी। इस दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। 20 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और इसी के साथ छठ पूजा का समापन व व्रत पारण किया जाएगा।
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पहला दिन : नहाय खाय

नहाय खाय से छठ पूजा की शुरुआत होती है। इस दिन व्रती नदी में स्नान करतीं हैं। इसके बाद सिर्फ एक समय का ही खाना खाया जाता है।

दूसरा दिन : खरना

छठ का दूसरा दिन खरना कहलाता है। इस दिन भोग तैयार किया जाता है। शाम के समय मीठा भात या लौकी की खिचड़ी खाई जाती है। व्रत का तीसरा दिन दूसरे दिन के प्रसाद के ठीक बाद शुरू हो जाता है। खरना 18 नवंबर को है।

तीसरा दिन : संध्या अर्घ्य

छठ पूजा में तीसरे दिन को सबसे प्रमुख माना जाता है। इस मौके पर शाम के समय भगवान सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है और बांस की टोकरी में फलों, ठेकुआ, चावल के लड्डू आदि से अर्घ्य के सूप को सजाया जाता है। इसके बाद व्रती महिलाएं अपने परिवार के साथ मिलकर सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं और इस दिन डूबते सूर्य की आराधना की जाती है। छठ पूजा का पहला अर्घ्य इस साल 19 नवंबर को दिया जाएगा। इस दिन सूर्यास्त का समय शाम 5 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा।
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चौथा दिन : ऊषा अर्घ्य

चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। ये अर्घ्य लगभग 36 घंटे के व्रत के बाद दिया जाता है। 20 नवंबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन सूर्योदय 6 बजकर 47 मिनट पर होगा। इसके बाद व्रती के पारण करने के बाद व्रत का समापन होगा।
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