धारूहेड़ा। भिवाड़ी से धारूहेड़ा में छोड़ा जाने वाला रसायनयुक्त पानी दिल्ली-जयपुर हाईवे पर पहुंच गया है। इसके अलावा यहां की कई कॉलियों में भी भर गया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर पार्षद और स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। धारूहेड़ा के पार्षदों व शहरवासियों ने सोमवार को दूषित पानी छोड़े जाने के विरोध में धरना दिया। साथ ही एसडीसम को ज्ञापन सौंपकर समस्या से निजात दिलाने की मांग की। वहीं, 15 दिन के अंदर पानी नहीं बंद कराने पर पार्षदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। साथ ही आमरण अनशन का भी एलान किया है। उधर, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मामले में रविवार को राजस्थान के उच्च अधिकारियों से दूषित पानी रोकने की बात कही थी। इसके बाद भी यदि पानी नहीं रुकता है तो उन्होंने मामले में संबंधित के खिलाफ केस दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है।
भिवाड़ी से आने वाला दूषित पानी धारूहेड़ा के लोगों के लिए आफत बन गया है। रेवाड़ी के अघिकारियों एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की चेतावनी के बाद भी भिवाड़ी के अधिकारी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। भिवाड़ी में बनाए गए एसटीपी का काला पानी बारिश की आड़ में छोड़ दिया जाता है, जो धारूहेड़ा में पहुंच रहा है। यह पानी सेक्टरों, मोहल्लों से होता हुआ यह दूषित पानी दिल्ली-जयपुर हाईवे पर भरने लगा है। इससे हाईवे की गति पर ब्रेक लगने लगा है। अधिकारियों की बार-बार होने वाली बैठकों के बाद भी कोई समाधान नहीं होने के बाद धारूहेड़ा के नगर पालिका के पार्षदों ने चेयरमैन कंवर सिंह की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाकर सोमवार से धरना देने का निर्णय लिया गया था। इसके परिणाम स्वरूप सोमवार को धारूहेड़ा के तमाम बाजारों को बंद रखा गया। नपा चेयरमैन कंवर सिंह सहित सभी पार्षद एवं शहरवासी तहसील परिसर के सामने धरने पर बैठ गए। धरना व बाजार बंद की सूचना के बाद रेवाड़ी के एसडीएम होशियार सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। चेयरमैन कंवर सिंह के नेतृत्व में लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। वहीं एसडीएम ने लोगों को आश्वासन दिया कि आने वाले 15 दिन के अंदर धारूहेड़ा के लोगों को दूषित पानी की समस्या से निजात मिल जाएगी। नगर पालिका धारूहेड़ा के चेयरमैन कंवर सिंह ने कहा कि अगर 15 दिन में दूषित पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सभी पार्षद सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर आमरण अनशन शुरू करेंगे।
हाईवे पर डेढ़ से दो फीट तक पानी भरा
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जयपुर वाली लेन पर बेस्टेक मॉल के सामने डेेढ़ से दो फीट तक दूषित पानी भर गया है। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों की गति पर भी ब्रेक लग गया है। हाईवे पर गड्ढे होने लगे हैं, जो हादसों का कारण बन रहे हैं। वहीं भिवाड़ी से आने वाला दूषित पानी सेक्टर-4, 6 के आसपास के मोहल्लों एवं धारूहेड़ा पुराना शहर में भरा है। यह पानी पिछले करीब एक सप्ताह घरों के बाहर दो से तीन फीट तक भरा है। घरों में पानी न घुसे इसके लिए लोगों ने मिट्टी के कट्टे डाले हुए हैं।
भिवाड़ी के अधिकारी लापरवाह : राव इंद्रजीत
केंद्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह की बार-बार चेतावनी के बाद भी भिवाड़ी के अधिकारियों द्वारा दूषित पानी की रोकथाम के कोई इंतजाम नहीं किए जाने से गुस्से में दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान के उच्च अधिकारियों को भिवाड़ी के अधिकारियों की लापरवाही से अवगत कराया गया है। इसके बाद भी अधिकारी लापरवाही बरतते हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठकों के बाद समाधान नहीं होने पर उठाया कदम
धारूहेड़ा में लंबे समय से भिवाड़ी का दूषित पानी आ रहा है। शहरवासियों का जीना दुभर हो गया है। भिवाड़ी के अधिकारी जानबूझकर लापरवाह बन रहे हैं। दोनों राज्यों के अधिकारियों की कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। ऐसे में अपने शहर के लोगों को तड़पते नहीं देख सकते हैं। इसलिए आंदोलन करने का कदम उठाया है। अब समाधान कराकर ही रहेंगे।
-कंवर सिंह यादव, चेयरमैन नगर पालिका
समाधान होने पर पीछे हटेंगे
भिवाड़ी से आने वाला दूषित पानी धारूहेड़ा के लोगों के लिए नासूर बन गया है। यह समस्या लंबे समय से है। धारूहेड़ा की इस समस्या को लेकर न कभी अधिकारी गंभीर नजर आए और न ही जनप्रतिनिधि। अगर समय पर इस ओर ध्यान दिया जाता तो संभवतया यह समस्या इतनी विकट नहीं होती, लेकिन अब समाधान की ओर कदम बढ़ाए है तो पीछे नहीं हटाएंगे।
-अजय जांगड़ा, वाइस चेयरमैन
समस्या का समाधान हो जाएगा
धारूहेड़ा में आ रहा दूषित पानी बेहद गंभीर समस्या है। समाधान की दिशा में उच्च अधिकारियों की बैठकें हो रही हैं। संभवतया जल्द ही दूषित पानी का समाधान हो जाएगा। धारूहेड़ा के लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-होशियार सिंह, एसडीएम रेवाड़ी
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भिवाड़ी से आ रहा दूषित पानी धारूहेड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी आफत बन गया है। न केवल धारूहेड़ा शहरवासियों का जीना दुश्वार कर दिया है, बल्कि आसपास के गांवों की उपजाऊ भूमि भी बंजर बन गई है। लेकिन न अधिकारी गंभीरता से कार्य कर रहे हैं और न ही केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। बस ये लोग एसी कमरों में बैठ कर बैठकें कर समाधान का आश्वासन दे रहे हैं।
-चिरंजीव राव, विधायक रेवाड़ी