धारूहेड़ा में मुख्य मार्ग पर भरा रसायनयुक्त पानी के बीच से गुजरते वाहन। संवाद
धारूहेेड़ा। भिवाड़ी के उद्योगों से निकलने वाला रसायनयुक्त पानी धारूहेड़ा के लोगों के नासूर बन गया है। चारों ओर गहरे काले रंग का दूषित पानी दिखाई दे रहा है। पानी ने आपातकाल लगा दिया है। लोगों का घरों से निकलना तक बंद हो गया है। लोग जरूरी काम से ही बाहर निकल रहे हैं। कस्बे में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। उधर, दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे तक पानी पहुंचने से वाहन रेंग रेंगकर चल रहे हैं।
पिछले करीब एक सप्ताह से धारूहेड़ा कस्बा में राजस्थान के भिवाड़ी औद्योगिक इकाइयाें से निकलने वाला रसायनयुक्त पानी आ रहा है। दोनों ही राज्यों के डीसी से लेकर अन्य अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठक भी हो चुकी है, लेकिन दूषित पानी नहीं रुक पाया है। दूषित पानी धारूहेड़ा शहर के अलावा सेक्टर-4, 6, एम-2 के, बेस्टेक, आसपास के गांव तक घुस गया है। घरों के बाहर 2 से 3 फीट तक गंदा पानी भरा हुआ है। अब हालात बाढ़ जैसे बन गए हैं। लोग अपने घरों में बैठने को मजबूर हो गए हैं।
पानी निकालने में जुटा रहा प्रशासन
प्रशासन ने रसायनयुक्त पानी को निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन दूषित पानी बंद नहीं होने की बजाय बढ़ रहा है। सेक्टर और कॉलोनी से निकलकर पानी दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बेस्टेक सिटी के सामने पहुंच गया है। इसके कारण हाईवे से गुजरने वाले सैकड़ों वाहन जाम में फंस रह रहे हैं। नगर पालिका कर्मचारी नहीं, बल्कि स्थानीय लोग भी अपने स्तर पर दूषित पानी को रोकने की कोशिश में लगे हुए हैं। कई जगह मिट्टी से भरे कट्टों को डालकर पानी को रिहायशी इलाके में घुसने से रोकने की कोशिश की गई है।
वर्जन
भिवाड़ी से आने वाले पानी की रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं। कई स्थानों से पानी को निकाला भी गया है। उच्च अधिकारियों की इस मामले में राजस्थान के अधिकारियों से बात हो रही है।
-प्रवीण कुमार, सचिव, नगर पालिका धारूहेड़ा