रेवाड़ी। लोन के नाम पर 5.54 लाख रुपये की ठगी हो गई। गांव सीहा निवासी अंकित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके भाई विक्रम ने धारूहेड़ा चुंगी के पास एक निजी अस्पताल खोल रखा है। इसमें अंकित केयरटेकर का काम करता है। साथ ही बैंक का सारा लेनदेन कर्मचारियों को सेलरी देने का काम उसी का है। उसने 25 अप्रैल को एक एप के माध्यम से 30 लाख का लोन पास कराने के लिए फोन से संपर्किक या था। उसे बताया गया कि प्रधानमंत्री योजना की तरफ से लोन हो गया है। इसके बाद भारत सरकार की मोहर लगा के ईमेल पर अपरूवल पत्र आया। 30 मार्च को 30 हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस के नाम से उसने पैसे दिए। फिर 1 मई को लोन के इंश्योरेंस के लिए 99,999 दिए। फिर 2 मई को 1 लाख एनओसी के नाम से और 4 मई को 74,999 इनकम टैक्स के नाम पर दिए। उधर से जवाब दिया गया कि पूरा पैसा लोन के साथ वापस किया जाएगा। बाद में पता चला की लोन के नाम पर 5.54 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हो गई है। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी। संवाद