रेवाड़ी। विश्व पशु चिकित्सा दिवस के मौके पर पशुपालन और डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. नसीब सिंह ने कहा कि बदलते परिवेश के अनुरूप पशु चिकित्सा विज्ञान में भी बदलाव आ रहा है। आज के समय में पशु चिकित्सा विज्ञान का उपयोग केवल पशुओं के स्वास्थ्य और सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि मनुष्यों के समेकित शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। डॉ. नसीब सिंह ने बताया कि जिले में एक पॉलीक्लिनिक, 52 राजकीय पशु चिकित्सालय और 63 राजकीय पशु औषधालय हैं। कार्यरत स्टाफ विभिन्न विभागीय गतिविधियों जैसे पशुओं का इलाज, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, गौ संरक्षण और संवर्धन आदि कार्य कार्यरत रहते हैं।