भाजपा संगठन और भाजपा के वरिष्ठ नेता केंद्रीय राज्य रक्षा मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के बीच फंसी चेयरपर्सन की कुर्सी पर रविवार को कोई नहीं बैठ पाया। जिला प्रशासन की जिला परिषद कार्यालय में चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन चुनाव के लिए पूरी तैयारी की हुई थी लेकिन एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। इस वजह से चेयरपर्सन व वाइस चेयरपर्सन का चुनाव नहीं हो पाया। भाजपा ने दावा किया था कि चेयरपर्सन भाजपा की ही बनेगी और 15 पार्षद उनके पक्ष में है। वहीं पहली ही मीटिंग में एक भी पार्षद के नहीं पहुंचना यह भी साबित करता है कि पार्टी के पास कोरम पूरा करने के लायक भी पार्षद नहीं है। जैसा कि अमर उजाला ने रविवार के अंक में खुलासा भी किया। प्रशासन की ओर से अब नई तारीख का ऐलान किया जाएगा। दूसरी मीटिंग में कोरम की जरूरत नहीं है, लेकिन छह पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य है। क्योंकि यदि चेयरपर्सन के लिए एक नाम आता है तो एक प्रस्तावक और एक अनुमोदक जरूरी है। इसी प्रकार वाइस चेयरमैन के लिए भी यही नियम है। ऐसे में दूसरी बैठक में छह पार्षदों के पहुंचने पर भी चेयरपर्सन का चुनाव हो जाएगा।
डेढ़ घंटे बैठे रहे अधिकारी
सुबह ठीक 10 बजे प्रशासनिक अधिकारी जिला परिषद कार्यालय में पहुंच गए और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई। करीब सवा ग्यारह बजे आरओ एवं एडीसी भी पहुंची। एहतियात के तौर पर कोसली डीएपी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व के पुलिस बल भी तैनात किया गया लेकिन एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। बाद में 11.30 बजे मीटिंग स्थगित करने की घोषणा कर दी।
दोबारा तारीख होगी तय
एडीसी डॉ प्रियंका सोनी ने कहा कि मीटिंग में कोई पार्षद नहीं पहुंचा। इसलिए स्थगित करनी पड़ी। मीटिंग संचालन के लिए कोरम पूरा करने को 18 में से 12 पार्षदों की जरूरत थी, लेकिन पार्षद नहीं आए। नई तारीख की घोषणा उच्चाधिकारियों द्वारा की जाएगी।